प्रधान परिवार के नाम पर भुगतान का दावा
PRAYAGRAJ NEWS: कौंधियारा विकास खंड की गोठी ग्राम सभा में ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव पर विकास कार्यों में भारी अनियमितता के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले पांच वर्षों में लाखों रुपये के विकास कार्य केवल कागजों पर दिखाकर सरकारी धन का भुगतान करा लिया गया, जबकि जमीनी स्तर पर अधिकांश कार्य नहीं हुए। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम प्रधान राजनाथ पाण्डेय और ग्राम सचिव विनीत कुमार पाठक के कार्यकाल में लगभग 14 इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य अभिलेखों में पूर्ण दर्शाए गए हैं। इन कार्यों के लिए करीब 20 लाख रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है, लेकिन गांव में इन सड़कों का कोई अस्तित्व नहीं है। इसी प्रकार करीब पांच नाली निर्माण कार्यों पर लगभग 10 लाख रुपये खर्च दिखाया गया है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर नालियां नहीं बनाई गईं। ग्रामीणों ने बताया कि रोशन लाल के घर से रघु के घर तक इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण के नाम पर करीब एक लाख रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन वहां कोई सड़क नहीं बनी। इसके अलावा हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोर के नाम पर भी बड़े पैमाने पर धनराशि निकाले जाने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि पिछले पांच वर्षों में लगभग 20 स्थानों पर हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोर दर्शाकर लाखों रुपये खर्च किए गए, जबकि अधिकांश हैंडपंप आज भी खराब पड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान के परिवार के कई सदस्यों के नाम पर भी रिबोर का भुगतान किया गया। आरोपों के अनुसार ग्राम प्रधान के नाती रतन पाण्डेय के नाम पर दो बार रिबोर कराकर करीब 78 हजार रुपये, पुत्र आलोक पाण्डेय के नाम पर तीन बार लगभग 75 हजार रुपये, बहू पुष्पा और उपासना के नाम पर करीब 1.50 लाख रुपये, पिता राधेश्याम के नाम पर दो बार लगभग 70 हजार रुपये तथा भतीजे शिवम पाण्डेय के नाम पर करीब 35 हजार रुपये का भुगतान किया गया। इसके अलावा अमृत सरोवर के सामने दो रिबोर और शिवम पाण्डेय के खेत के पास एक रिबोर दिखाकर भी हजारों रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप है। ग्रामीणों का दावा है कि पूरे ग्राम सभा में रिबोर किए गए हैंडपंपों में केवल तीन हैंडपंप ही चालू हैं, जिनमें से दो ग्राम प्रधान के घर पर लगे हैं। वहीं तुलाराम बस्ती में आधा दर्जन से अधिक हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। इसके अलावा ग्रामीणों ने मनरेगा मजदूरी भुगतान में भी अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि धर्मीला, राजकली, सुधरा, कुसमा, सीता, पूनम, खरकाहा देवी, प्रमिला, रोशनलाल समेत कई मजदूरों को आज तक उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं मिला। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम सभा में सफाई कर्मचारी की नियुक्ति होने के बावजूद नियमित सफाई नहीं होती और लोग स्वयं नालियों की सफाई करने को मजबूर हैं। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी कौंधियारा कंचन यादव ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा सरकारी धन का दुरुपयोग सिद्ध होने पर भुगतान की गई राशि की वसूली भी कराई जाएगी।







