सीओ व नायब तहसीलदार के आश्वासन पर खत्म हुआ धरना
PRATAPGARH NEWS: लालगंज कोतवाली के भुवन का पुरवा मोठिन में हाल ही में घर गिराये जाने की घटना को लेकर रविवार को सियासत गर्म हो उठी दिखी। लखनऊ से आये स्वजातीय नेताओं ने घटना को लेकर सरकार एवं स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। हांलाकि धरना प्रदर्शन को लेकर पूर्व प्रशासनिक अनुमति न होने के बावजूद पुलिस व प्रशासन का भारी जमाबड़ा दिखा।धरना स्थल पर अमरेन्द्र सिंह, सनी सिंह पटेल व रंजना सैनी ने सरकार व प्रशासन की सह पर पि६ड़े वर्ग के पीड़ित के उत्तपीड़न की बात कही। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी होती दिखी। स्थानीय नेताओं में वीरु पासी व पवन पटेल भी घर गिराने की घटना को ज्यादती करार दिया लालगंज के नायब तहसीलदार पंकज कुमार से वार्ता में उस समय प्रदर्शनकारी नेता भौचक्के रह गये जब नायब तहसीलदार ने मकान निर्माण को अवैध बता दिया। नायब तहसीलदार ने यह जरूर माना कि विवादित घर गिराने की प्रक्रिया गलत थी। वहीं प्रशासनिक अफसर पहले कार्यक्रम की अनुमति न होने की बात कहकर बात चीत से मना कर दिया। कु६ घंटे बाद । सीओ कुण्डा अमरनाथ गुप्ता धरनास्थल पर पहुँचे। सीओ ने बात चीत में बताया कि घटना को लेकर केस दर्ज हुआ है। उन्होने बताया कि दो आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने शेष आरोपियो की गिरफ्तारी तथा पीडित परिवार की सुरक्षा की माँग प्रमुखता से रखते हुए अफसरों को ज्ञापन सौंपा। अफसरों के आश्वासन पर करीब चार घंटे तक चला धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ। प्रदर्शन में ग्रामीणों की भीड़ अधिक होने से पुलिस हाई अलर्ट में दिखी। लालगंज कोतवाली के अलांवा महेशगंज, संग्रामगढ़, उदयपुर एस ओ भी भारी फोर्स के साथ डटे दिखे। प्रदर्शन के दौरान मंच से सीएम, स्थानीय सांसद व विधायक को निशाने पर लिए देखा गया। सीओ का कहना है , कार्यक्रम की पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।







