Home उत्तर प्रदेश पार्किंग नहीं, फिर भी जनता पर डंडा; आखिर किसकी नाकामी छिपा रहा...

पार्किंग नहीं, फिर भी जनता पर डंडा; आखिर किसकी नाकामी छिपा रहा प्रशासन?

जनता त्राहि-त्राहि, चालान और क्रेन की कार्रवाई जारी
JHANSI NEWS: शहर में पार्किंग व्यवस्था के अभाव के बावजूद नगर निगम और यातायात विभाग द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनती जा रही है। बाजारों, व्यावसायिक क्षेत्रों और प्रमुख सड़कों पर वर्षों से समुचित पार्किंग व्यवस्था विकसित नहीं की जा सकी है, लेकिन इसके बावजूद सड़क किनारे खड़े वाहनों को उठाने, चालान करने और सीज करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। शहर के व्यापारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों का कहना है कि जब नगर निगम बाजारों में पार्किंग की व्यवस्था ही नहीं कर पाया है तो आखिर वाहन खड़े किए जाएं तो कहां। रोजमर्रा के कार्यों के लिए बाजार पहुंचने वाले लोग मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़े करते हैं और इसके बाद उन्हें चालान, क्रेन कार्रवाई या वाहन सीज होने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि एक ओर नगर निगम सड़क पर खड़े वाहनों को उठाकर राजस्व वसूली में जुटा है, वहीं दूसरी ओर यातायात पुलिस भी चालान और सीज की कार्रवाई कर लगातार दबाव बना रही है। कई स्थानों पर वाहन चालकों को यह तक पता नहीं चल पाता कि उनका वाहन कब उठाकर ले जाया गया। बाद में वाहन छुड़ाने के लिए उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। व्यापारियों का कहना है कि पार्किंग की कमी का सीधा असर बाजारों की गतिविधियों पर पड़ रहा है। ग्राहक वाहन खड़ा करने की समस्या के कारण बाजार आने से बच रहे हैं। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है और स्थानीय कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि नगर निगम और संबंधित विभाग पहले शहर में पर्याप्त पार्किंग स्थलों का निर्माण करें, उसके बाद सख्त कार्रवाई करें। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के केवल दंडात्मक कार्रवाई करना जनता के साथ अन्याय है। शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन को राजस्व वसूली के बजाय समस्या के स्थायी समाधान पर ध्यान देना चाहिए। यदि शीघ्र ही प्रमुख बाजारों और व्यस्त क्षेत्रों में पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो जनता का आक्रोश और बढ़ सकता है। यही सवाल आज शहर के हजारों वाहन चालकों और व्यापारियों के मन में है, जिसका जवाब नगर निगम और यातायात विभाग को देना होगा। जनता का कहना है कि सुविधाएं शून्य और कार्रवाई सौ फीसदी की नीति अब स्वीकार नहीं की जाएगी।