Home आस्था सदमार्ग पर चलने की सीख देती है श्रीराम कथा

सदमार्ग पर चलने की सीख देती है श्रीराम कथा

PRATAPGARH NEWS: विकासखण्ड लक्ष्मणपुर अन्तर्गत रामपुर भेड़ियानी में चल रही श्रीराम कथा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। श्रीराम कथा में कथाव्यास गायत्री नंदन महराज ने कथा प्रसंग में बताया कि जब माता सती को भगवान श्रीराम के भगवान होने पर संशय हुआ तो उन्होने श्रीराम की परीक्षा लेनी चाही। इस पर वह माता सीता का रूप धारण कर श्रीराम के पास पहुंची। माता सती को सीता के स्वरूप में देख भगवान राम ने उन्हें माता कहकर प्रणाम किया। कथा व्यास ने बताया कि इस पर माता सती को बहुत पछतावा हुआ और वह वापस भगवान भोलेनाथ के पास पहुंची। माता सती के इस कार्य से असंतुष्ट भगवान शिव ने माता सती का परित्याग कर दिया। कथा प्रसंग में कथा व्यास ने आगे बताया कि पिता महराज दक्ष द्वारा आयोजित यज्ञ में बिना बुलावे के ही पहुंची माता सती शिव का अपमान सुनकर खुद को अग्नि में समर्पित कर भस्म कर लिया। कथा के दौरान बीच बीच में भगवान श्रीराम के सुमधुर भजनों को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे भी दिखे। आयोजन समिति के संयोजक भाजपा नेता पं. श्यामशंकर पाण्डेय ने श्रद्धालुओं का स्वागत एवं सतीश पाण्डेय बलराम, शिव नारायण पाण्डेय, आस्तिक दुबे, विनोद कुमार मिश्र, शिवमूर्ति तिवारी ने आभार जताया। इस मौके पर अधिवक्ता अशोक कुमार तिवारी, मुरलीधर उपाध्याय, विनोद शुक्ल, संजय तिवारी, उमेश पाण्डेय, नागेन्द्र भूषण शुक्ल, संतोष शुक्ल, गोकुल विश्वकर्मा, राम औतार गुप्ता आदि मौजूद रहे।