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सई माता प्रतापगढ़ की धरोहर है, इनका संरक्षण हमें पुत्रवत करना होगा:हेमन्त कुमार

विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में  सई नदी पर संघ ने किया स्वच्छता श्रमदान

नदी बचेगी तो संस्कृति बचेगी, संस्कृति बचेगी तो सभ्यता सुरक्षित होगी
PRATAPGARH NEWS:  नदियाँ भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा हैं। इनके संरक्षण के बिना भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की कल्पना अधूरी है। उक्त बातें पर्यावरण दिवस के अवसर पर मां बेल्हा देवी धाम स्थित सई नदी की सफाई अभियान के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक कृष्ण मोहन ने कही। उन्होंने कहा कि नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं, बल्कि हमारे जीवन, आस्था, परंपराओं और सांस्कृतिक चेतना की आधारशिला हैं।इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यवाह हेमन्त ने कहा कि सई माता प्रतापगढ़ की धरोहर है और इनका संरक्षण और सुरक्षा हम सबको पुत्रवत करना होगा । केवल दूसरों से अपेक्षा करने के स्थान पर हमें स्वयं अपनी भूमिका निर्धारित करनी होगी। उन्होंने कहा कि हमें विचार करना चाहिए कि हम व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर नदियों के संरक्षण में किस प्रकार योगदान दे सकते हैं। जिला कार्यवाह ने कहा कि नदी संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा का भी संकल्प है।इस मौके पर जिला पर्यावरण संयोजक डॉक्टर अनूप ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर एकत्रित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रकृति प्रेमियों द्वारा मां बेल्हा देवी परिसर और मां सई की स्वच्छता का कार्य किया गया और इसे निरंतरता देने का संकल्प भी सभी प्रकृति पुत्रों ने लिया। स्वच्छता कार्य में जिला पर्यावरण संयोजक डॉक्टर अनूप,जिला कार्यवाह हेमन्त कुमार, प्रांत पर्यावरण संयोजक कृष्ण मोहन, नगर संघचालक जगदम्बा,सह नगर संघचालक राजा ,क्रीडा भारती अध्यक्ष ध्रुव,लोक भारती सह संयोजक सागर,खंड पर्यावरण संयोजक अतुल मिश्र,राजेश सोनी, जय शंकर,शिव सोनी,बनवारी आश्रम के संपर्क प्रमुख रामचंद्र, रोशन लाल,राम अजीत,धर्मेंद्र तिवारी,कृष्णा,संदीप,संतोष सिंह, बद्री जी,रमाकांत,शिवकुमार, मयंक, कान्हा,कार्तिकेय,राजेश सिंह, चक्रपाणि, शिवेश शुक्ल, अंकुर, आरव,अंकित,सुमित आदि शामिल रहे।