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स्विमिंग पूल बने खतरे का जलकुंड, मानकों की धज्जियां उड़ाकर हो रहा संचालन

मानकविहीन स्विमिंग पूलों पर कब चलेगा बुलडोजर जैसा एक्शन?

JHANSI NEWS: गर्मी बढ़ते ही शहर में संचालित स्विमिंग पूलों की संख्या और उनमें आने वाले लोगों की भीड़ लगातार बढ़ रही है, लेकिन इन पूलों में सुरक्षा, स्वच्छता और तकनीकी मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, यह बड़ा सवाल बनता जा रहा है। कई स्थानों पर संचालित स्विमिंग पूलों में न तो पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच हो रही है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम दिखाई देते हैं। ऐसे में बच्चों और युवाओं की जान जोखिम में पड़ने की आशंका बढ़ गई है। जानकारों के अनुसार किसी भी स्विमिंग पूल में निर्धारित मानकों के अनुसार पर्याप्त जल स्तर, नियमित फिल्ट्रेशन व्यवस्था, क्लोरीन की संतुलित मात्रा, साफ-सफाई, प्रशिक्षित लाइफगार्ड, प्राथमिक उपचार किट तथा आपातकालीन सुरक्षा उपकरण अनिवार्य होने चाहिए। इसके अलावा पूल के पानी की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच भी आवश्यक है, ताकि त्वचा रोग, आंखों के संक्रमण और अन्य जलजनित बीमारियों से बचाव हो सके। शहर में संचालित कई स्विमिंग पूलों में पानी की पारदर्शिता तक संदिग्ध दिखाई देती है। कुछ स्थानों पर क्षमता से अधिक लोगों को एक साथ प्रवेश दिए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। अभिभावकों का आरोप है कि शुल्क तो मानक स्तर का लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि इन स्विमिंग पूलों की नियमित जांच कौन कर रहा है? क्या संबंधित विभागों द्वारा लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और पानी की गुणवत्ता का निरीक्षण किया जा रहा है? यदि निरीक्षण हो रहा है तो फिर मानकविहीन व्यवस्थाएं कैसे जारी हैं? स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में संचालित सभी स्विमिंग पूलों का संयुक्त निरीक्षण कराया जाए और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संचालकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से बच्चों के लिए संचालित पूलों में सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।
वहीं जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता भी सवालों के घेरे में है। गर्मी के मौसम में हजारों लोग स्विमिंग पूलों का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन निरीक्षण और निगरानी व्यवस्था प्रभावी नहीं दिख रही। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो कोई भी अप्रिय घटना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर सकती है। सवाल यह भी है कि क्या सभी स्विमिंग पूल आवश्यक अनुमति और सुरक्षा प्रमाणन के साथ संचालित हो रहे हैं अथवा नहीं।