Home उत्तर प्रदेश 887 परिषदीय स्कूलों के विकास के लिए मिले 2.02 करोड़ रुपये

887 परिषदीय स्कूलों के विकास के लिए मिले 2.02 करोड़ रुपये

कंपोजिट ग्रांट की पहली किस्त जारी, बीएसए ने खर्च का पूरा हिसाब देने के दिए निर्देश

BHADOHI NEWS: जिले के 887 परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प की दिशा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के कंपोजिट ग्रांट की पहली किस्त जारी की गई। शासन से प्राप्त करीब 2.02 करोड़ रुपये की धनराशि से विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई-पुताई, पेयजल, शिक्षण सामग्री, खेलकूद संसाधन सहित विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे। खर्च की गई प्रत्येक राशि का उपभोग प्रमाणपत्र और विस्तृत ब्योरा प्रधानाध्यापकों को देना होगा जबकि अफसर इसकी नियमित समीक्षा करेंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शिवम पांडेय ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देशित किया है कि विद्यालयों में ग्रांट की धनराशि निर्धारित मानकों के अनुसार खर्च कराई जाए तथा प्रत्येक विद्यालय से उसका शत-प्रतिशत विवरण प्राप्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों की गुणवत्ता और धनराशि के उपयोग में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूर्व में विद्यालयों को रंगाई-पुताई के लिए सात से दस हजार रुपये तक की धनराशि मिलती थी, जिससे आवश्यक कार्य पूरे नहीं हो पाते थे। वर्ष 2019-20 से शासन ने छात्र संख्या के आधार पर कंपोजिट ग्रांट देने की व्यवस्था लागू की, जिससे विद्यालय अपनी जरूरतों के अनुसार विकास कार्य करा सकें। विद्यालय प्रबंधन समिति इस धनराशि का उपयोग रंगाई-पुताई, मरम्मत, चहारदीवारी, शिक्षण सामग्री, खेलकूद उपकरण, संगीत वाद्ययंत्र तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की खरीद में कर सकती है। अब प्रत्येक व्यय का उपभोग प्रमाणपत्र देना अनिवार्य है। साथ ही विद्यालयों में कराए गए कार्यों का निरीक्षण कर उनकी जांच भी होगी।

ग्रांट से पूरे किए जाएंगेे विद्यालयों के जरूरी कार्य
ज्ञानपुर। कंपोजिट ग्रांट की धनराशि से विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई-पुताई, पेयजल व्यवस्था, शिक्षण सहायक सामग्री, कक्षों में टाइल्स, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, विद्युत उपकरण, कंप्यूटर कक्ष के अनुरक्षण तथा अन्य आवश्यक कार्य कराए जा सकेंगे। इसके अलावा टाट-पट्टी, चटाई, दरी, स्टेशनरी, बागवानी किट की खरीद भी की जा सकेगी। छात्र संख्या के आधार पर किया जाता है आवंटन
ज्ञानपुर। ग्रांट का आवंटन छात्र संख्या के आधार पर किया जाता है। एक से 30 विद्यार्थियों वाले विद्यालयों को 10 हजार रुपये, 31 से 100 विद्यार्थियों तक 25 हजार रुपये, 101 से 250 विद्यार्थियों तक 50 हजार रुपये, 251 से 1000 विद्यार्थियों तक 75 हजार रुपये तथा 1000 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों को एक लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है।
कंपोजिट ग्रांट के खर्च पर रहेगी पैनी नजर
ज्ञानपुर। बीएसए शिवम पांडेय ने बताया कि कंपोजिट ग्रांट के उपयोग की लगातार समीक्षा की जाएगी। यदि किसी विद्यालय में मानकों की अनदेखी, गुणवत्ता में कमी या धनराशि के दुरुपयोग की शिकायत मिलती है तो जांच कर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। नामित अधिकारी समय-समय पर व्यय की समीक्षा करते रहेंगे।