AURAIYA NEWS: थाना दिबियापुर क्षेत्र में करीब साढ़े छह साल पूर्व हुई किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायालय (पॉक्सो) ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी आकाश चौरसिया को 20 साल के कठोर कारावास और 35 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) मृदुल मिश्रा ने बताया कि पीड़ित किशोरी के परिजनों ने थाना दिबियापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि 10 अक्टूबर 2019 की सुबह करीब 8 बजे उनकी 15-16 वर्षीय बेटी गांव से रामगढ़ स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस घर नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। इसी बीच परिजनों को एक मोबाइल नंबर मिला, जिससे किशोरी की बात होने की पुष्टि हुई। परिजन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आकाश चौरसिया, निवासी बहेरी उमरी (कानपुर देहात) को गिरफ्तार कर किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) अखिलेशवर प्रसाद मिश्र की अदालत में चले इस मुकदमे में गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आकाश चौरसिया को दोषी करार दिया गया। अदालत ने सजा सुनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि अर्थदंड के रूप में जमा की जाने वाली कुल धनराशि में से आधी राशि पीड़ित किशोरी को दी जाएगी। फैसले के बाद दोषी को जिला कारागार भेज दिया गया है।







