Home उत्तर प्रदेश प्रीलिम्स से पहले मेंस की तैयारी, राइटिंग स्किल मैनेजमेंट पर दें जोर:राजेश...

प्रीलिम्स से पहले मेंस की तैयारी, राइटिंग स्किल मैनेजमेंट पर दें जोर:राजेश मिश्रा

केपीयूसी छात्रावास में  अधीक्षक बने डॉ. देश दीपक सिंह
PRAYAGRAJ NEWS: केपीयूसी छात्रावास में डॉ. देश दीपक सिंह को अधीक्षक का पदभार ग्रहण करने के उपलक्ष्य में छात्रावास के कॉमन हॉल में छात्रों के बीच सिविल सर्विसेज तथा सम सामयिक विषयों पर चर्चा परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसमें कई विषयों के प्रोफेसर शामिल हुए। वक्ता के रूप में यूपीएससी की दुनिया में जाने जाने वाले राजनीति विज्ञान के प्रख्यात अध्यापक तथा इविवि के पूरा छात्र राजेश मिश्रा ने  इविवि के मनोविज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर तथा केपीयूसी छात्रावास के संरक्षक प्रो. संदीप आनंद, हिंदी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर तथा एलुमनाई एसोसिएशन के सचिव प्रो. कुमार वीरेन्द्र सिंह, असिस्टेंट प्रो. डॉ जयराम त्रिपाठी, भूगोल विभाग के सहायक आचार्य तथा केपीयूसी छात्रावास के नव नियुक्त अधीक्षक डॉ. देश दीपक सिंह थे।  संचालन  वरिष्ठ अंतःवासी पुरुषोत्तम रोहित ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत सबसे पहले छात्रावास के संरक्षक ने स्वागत के साथ हुआ।  राजनीति विज्ञान के प्रख्यात अध्यापक तथा इविवि के पूरा छात्र वक्ता राजेश मिश्रा ने यूपीएससी तथा समसामयिक मुद्दों पर विद्यार्थियों का ध्यान आकृष्ट कराया तथा प्रश्नोत्तरी भी चली। विद्यार्थियों को यूपीएससी एग्जाम के लिए प्रीलिम्स से पहले मेंस की तैयारी तथा राइटिंग स्किल और मैनेजमेंट पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को क्रिटिकल थिंकिंग के बारे में बताया और विवि से स्नातक तथा परास्नातक करने पर जोर दिया जिससे विद्यार्थियों की राइटिंग स्किल सुधरेगी। उन्होने छात्रावास भ्रमण के दौरान सभी कमरे का नाम नदियों के नाम पर देख कर अति उत्साहित हुए तथा कॉमन हॉल में सारे राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेश के नाम और लोगो के साथ – साथ उतर पूर्वी राज्य के सारे हिल्स का नाम तथा लोगो को देखकर विद्यार्थियों की सराहना की। प्रो. कुमार वीरेन्द्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ष्क्रिटिकल एनालिसिस और ओवर एनालिसिसष् जो कि एक विद्यार्थी के द्वारा ही पूछा गया था, को बहुत ही अच्छे तरीके से समझाया। उन्होंने हिंदी भाषा की उपयोगिता पर बल दिया। उन्होंने किसी भी कृति को पढ़ने के तीन तरीके बताए जिसमें पहला ष्विथ टेक्स्टष्य दूसरा ष्विदिन टेक्स्टष् तथा तीसरा ष्बियोंड टेक्स्टष् को बहुत ही सरलतम शब्दों में उदाहरण के साथ जानकारी दिया। डॉ. जयराम त्रिपाठी ने हिंदी साहित्य की प्रासंगिकता पर बल देते हुए बताया कि इस समय वैकल्पिक विषय हिंदी साहित्य की प्रासंगिकता बनी हुई है तथा आज भी सिविल सर्विसेज के क्षेत्र में विद्यार्थी सफलता पा रहे हैं। विद्यार्थियों को मेंस के उत्तर लेखन में क्या त्रुटियां नहीं करनी चाहिए इस पर उन्होंने महत्वपूर्ण जानकारी दिया। छात्रावास के अधीक्षक डॉ देश दीपक सिंह ने अपने पहले दिन के अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया तथा भविष्य में छात्रावास के अंतःवासियों को किसी भी तरह का परेशानियों का सामना न करना पड़े उसके लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।