JHANSI NEWS: भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी (भाप्रपा) ने केंद्र सरकार द्वारा संसद में लाए गए महिला आरक्षण को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी के अध्यक्ष पंडित पंकज रावत ने कहा कि यदि वर्तमान समय में किसी वर्ग की महिलाओं को आरक्षण की आवश्यकता है, तो वह सामान्य वर्ग की महिलाएं हैं। आयोजित बैठक में पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद सामान्य वर्ग का राजनीतिक और सामाजिक रूप से शोषण हुआ है, जबकि अन्य वर्गों को लगातार आरक्षण का लाभ दिया जाता रहा है। उनका कहना था कि सरकार आरक्षण का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है। बैठक में यह भी कहा गया कि आरक्षण से किसी जाति या धर्म का वास्तविक विकास संभव नहीं है। वक्ताओं ने दावा किया कि वर्तमान समय में देश में कोई भी वर्ग वास्तव में शोषित या वंचित नहीं है, बल्कि पिछले कई दशकों में विभिन्न वर्गों को पर्याप्त लाभ मिल चुका है। इसके विपरीत, सामान्य वर्ग के अधिकारों में लगातार कमी आई है। पंडित पंकज रावत ने कहा कि यदि सरकार महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो उसे सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि सामान्य वर्ग की महिलाएं स्वाभिमानी होती हैं और वे आरक्षण को “भीख” के रूप में स्वीकार नहीं करेंगी। बैठक में श्रुति चड्ढा, नीरजा रावत, सरोज, सुमन शर्मा, प्रीति ठाकुर, प्रियंका, आनंद मुदगल, राजीव ओझा, ठाकुर मनोज सिंह, राकेश सुरोठिया, नरेन्द्र कुशवाहा, धरन शर्मा, राकेश श्रीवास्तव, प्रभात रावत, अजय मिश्रा, राधारमण उपाध्याय, एनपी सिंह, आनंद तिवारी, बीके शर्मा, राजेश तिवारी, अमित यादव, आशुतोष द्विवेदी, मनोज सोलंकी, सुमन अहिरवार, मीना, अनीता अहिरवार सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।







