JHANSI NEWS: इस्कॉन झांसी में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर चंदन यात्रा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ प्रारंभ हुआ। यह उत्सव भगवान की सेवा का एक विशेष पर्व है, जिसकी परंपरा महान वैष्णव आचार्य माधवेन्द्र पुरी द्वारा प्रारंभ की गई थी। चंदन यात्रा के अंतर्गत 21 दिनों तक भगवान के दिव्य विग्रह पर चंदन का लेप कर उन्हें ग्रीष्म ऋतु में शीतलता प्रदान की जाती है। अक्षय तृतीया से आरंभ होने वाले इस महोत्सव का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन किए गए पुण्य कार्य अक्षय फल प्रदान करते हैं। इस अवसर पर मंदिर में भगवान का विशेष अभिषेक, अर्चन, संकीर्तन, भागवत कथा श्रवण, दान-पुण्य एवं अन्नदान जैसे विविध धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और भगवान के श्रीविग्रह के दर्शन कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। इस वर्ष चंदन यात्रा के प्रारंभ पर भगवान का अत्यंत आकर्षक श्रृंगार किया गया। मोगरा पुष्पों से भव्य सजावट की गई तथा लगभग 10 भक्तों द्वारा पिछले 10 दिनों से तैयार किया गया चंदन लेप भगवान को अर्पित किया गया। यह सेवा आगामी 21 दिनों तक निरंतर जारी रहेगी। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं नगरवासी मंदिर पहुंचे, दिव्य दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। अक्षय तृतीया के दिन अनेक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व भी मनाए जाते हैं, जिनमें भगवान परशुराम जयंती, भगवान ऋषभदेव की तपस्या पूर्णता, माता अन्नपूर्णा जयंती, कुबेर पूजा, त्रेता युग का प्रारंभ, गंगा पूजन, वेद व्यास द्वारा महाभारत रचना का आरंभ, बद्रीनाथ मंदिर के कपाट उद्घाटन तथा बांके बिहारी मंदिर में चरण दर्शन की विशेष परंपरा शामिल हैं। इस प्रकार यह दिन अत्यंत शुभ एवं आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस संबंध में जानकारी ब्रजभूमि दास, मंदिर अध्यक्ष, इस्कॉन झांसी द्वारा प्रदान की गई।







