Home उत्तर प्रदेश ईस्टर की खुशी में झूम उठा वाराणसी का मसीही समुदाय -जी उठा...

ईस्टर की खुशी में झूम उठा वाराणसी का मसीही समुदाय -जी उठा जी उठा…की रही गूंज

4
0

वाराणसी। सेंट मेरीज महागिरजा की घड़ी ने जैसे मध्य रात्रि का संकेत दिया, मसीही समुदाय ईस्टर की खुशी में झूम उठा। कैथलिक चर्चे में एक साथ पास्का गीत बुलंद हो उठे ‘जी उठा-जी उठा, खीस्त हमारा जी उठा, खुशी मनाए, झूमे गाए अल्लेलूया।’…व ‘आओ खीस्त भक्तगण आओ, परित्राता की महिमा गाओ, पूजनीय पास्का के बलि को तुम सब महिमा गान चढ़ाओ।’ देर रात तक सेंट मेरीज महागिरजा के अलावा मातृधाम, सेंट जांस महरौली, सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी चर्च नगवां, सेंट जॉस महरौली, सेंट जांस डीरेका, ईश माता मंदिर शिवपुर, मरियम माता चर्च मवैया समेत तमाम कैथलिक चर्च खूबसूरत गीतों से देर रात तक गूंजते रहे।

दरअसल प्रभु ईसा मसीह की क्रूस पर शुक्रवार को हुई पवित्र मौत के बाद रविवार को प्रभु ईसा मसीह जी उठे थे इसकी खुशी में मसीही समुदाय ने देर रात्रि तक खुशियां मनाई। इस दौरान चर्चों और गिरजाघरों में प्रभु यीशु की झांकी देखने मसीही पहुंचे, विशेष प्रार्थना सभा भी हुई। सेंट मेरीज महागिरजा में वाराणसी धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष बिशप यूजीन की अगुवाई व पल्ली पुरोहित फादर जान अब्राहम के संयोजन में प्रार्थना सभा व गीत- संगीत का कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम में देर रात चर्च परिसर में कैंडल के आग से आशीष की गयी। तत्पश्चात उसी आग से एक बड़ा-सा कैंडल जलाया गया। जिसे लोग पास्का मोमबत्ती कहते हैं। उस कैंडल से उपस्थित सभी लोगों ने बारी-बारी से कैंडल जलाकर एक जुलूस निकाला और जुलूस में प्रभु यीशु का जयकारा लगाते हुए मसीही चर्च के अंदर चले गये। इस मौके पर फादर थामस, फादर जोसेफ परेरा, सिस्टर अंजू, सिस्टर जमीला, सिस्टर मंजू, सिस्टर विनाया, सिस्टर तारा आदि जन समूह मौजूद था।

लोगों ने एक दूसरे को दी ईस्टर की बधाईयां

मध्य रात्रि से शुरू हुआ ईस्टर का जश्न रविवार को अपने शवाब पर था। कैथलिक व प्रोटेस्टेंट मसीही समुदाय ने ईस्टर को पुनुरुत्थान दिवस की खुशी के रूप में सेलीब्रेट किया। इस दौरान जुलूस निकले व गिरजाघरों में विशेष आराधनाएं हुई। लोगों ने एक दूसरे को हैप्पी ईस्टर’ कह विश किया। सेंट मेरीज महागिरजा में ईस्टर संडे सुबह 8 बजे वाराणसी धर्मप्रांत की ओर से मनाया गया। इसमें हिन्दी व अंग्रेजी में अलग-अलग आराधना करायी गयी। इस मौके पर विदेशी सैलानियों ने भी महागिरजा में आराधना की। लोगों में एग और बन का प्रसाद भी बांटा गया।

तेलियाबाग चर्च में हुई प्रार्थना सभा

तेलियावाग सीएनआई चर्च में पादरी आदित्य कुमार ने प्रार्थना सभा को सम्बोधित करते हुए ईसा मसीह की महानता और उनके चमत्कार पर प्रकाश डाला और प्रभु यीशु के पूर्व जन्म के बारे में बताया। कहा कि जिस प्रकार प्रभु यीशु मृत्यु से जी उठे, उसी प्रकार हम मानव जाति भी दुनिया के अंत में पूरे शरीर के साथ पुनर्जीवित होंगे। इसलिए सभी लोग दुनिया के अंतिम दिन तक अच्छा काम करें। कहा कि यह पर्व प्रेम, दया, दीनता, नम्रता का संदेश देता है। प्रभु यीशु ने दूसरों के लिए प्रेम करने व जीने की शिक्षा दी है। इस मौके पर मसीही गीत से पूरा चर्च गुंजायमान हो उठा। इससे पहले सुबह जुलूस निकला जिसमें कैंडिल लेकर ईसाई समुदाय के नर नारियों और बच्चों ने शिरकत की। ईस्टर का जश्न मनाते मसीही जुलूस गिरजाघर पहुंच कर सम्पन्न हुआ। लाल गिरजा में पादरी इकबाल मसीह ने प्रार्थना सभा में यीशु के प्रेम एवं वलिदान के महत्व पर रौशनी डाली। यहां अनुप दयाल, विजय दयाल, सुशील बेंजामिन, शीला पॉल, डा. रोशनी, रोमी सिंह, नील चरण कमल, डेविड, मोनिका फिलिप्स, रोहित चरण, सनी, रोमा, आनंद आदि मौजूद थे।

चर्च ऑफ बनारस में नाट्य का मंचन

चर्च ऑफ बनारस छावनी में पादरी बेन जॉन की अगुवाई व सु जॉन के संयोजन में ईस्टर मनाया गया। ईस्टर पर यहां नाठ्य का मंचन हुआ जिसमें चर्च के बच्चों ने प्रभु यीशु का कब्र से जी उठने को अपनी अभिव्यक्ति से मंच पर दर्शाया। यहां अंत में लोगों ने ईस्टर लंच भी किया।

गिरजा पहुंचा कैडल जुलूस

लाल गिरजाघर की कलीसिया ने सुवह कटिंग मेमोरियल से कैंडिल मार्च निकला जिसमें बड़ी संख्या में मसीही हाथों में कैडिल लिए हुए थे। जुलूस प्रभु यीशु मसीह की जयकार करते हुए लाल गिरजाघर कैंटोंमेंट पहुंच कर जुलूस सम्पन्न हुआ। इस दौरान लोगों ने एक दूसरे को बधाई दी।

सेंट पाल चर्च में ईस्टर की खुशी

सिगरा स्थित सेंट पाल चर्च में पुनरुत्थान दिवस पादरी संजय दान की अगुवाई में मनाया गया। ऐसे ही सेंट थामस चर्च में पादरी न्यूटन स्टीवन, महमूरगंज स्थित सेंट बेटलफूल गॉस्पल चर्च में पास्टर एंड्रू थामस्, ईसीआई चर्च सुंदरपुर में पादरी नवीन ज्वाय व पास्टर दशरथ पवार, विजेता प्रेयर फिनिस्ट्रीज में पास्टर अजय कुमार की अगुवाई में ईस्टर मनाया गया।