JAUNPUR NEWS: जनपद के पश्चिमांचल में स्थित प्रसिद्ध सिद्धिपीठ देवी धाम बसौली में मंगलवार को आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। करौंदीकला क्षेत्र के हाजीपुर बरुआर गांव निवासी श्रद्धालु पंकज सिंह (मोनू) एवं उनकी धर्मपत्नी नीलू सिंह ने मां शीतला के दरबार में सवा किलो का चांदी का छत्र और मुकुट अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।
दंपति ने बताया कि उनकी मनोकामना पूर्ण होने पर मां शीतला के चरणों में चांदी का छत्र एवं मुकुट अर्पित किया। पूजन कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज रही। मुख्य पुजारी पं. रमेश तिवारी के नेतृत्व में पं. माता प्रसाद तिवारी उर्फ जल्लू तथा पं. हरिशंकर तिवारी ने पूरे विधि-विधान के साथ विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई। श्रद्धालु दंपति ने माता रानी के दरबार में मत्था टेककर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं उन्नति की कामना की।
इस दौरान मंदिर परिसर में उपस्थित अन्य श्रद्धालुओं ने भी मां शीतला के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और धार्मिक माहौल में सहभागिता निभाई। भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। देवी धाम बसौली के मुख्य पुजारी पंडित रमेश तिवारी ने बताया कि यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्रों में गिना जाता है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और मां के दरबार में पूजा-अर्चना करते हैं। विशेष अवसरों और पर्व-त्योहारों पर यहां बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। कहा कि मां शीतला का यह पावन धाम 14 कोस क्षेत्र में अत्यंत प्रसिद्ध और श्रद्धा का केंद्र है। उन्होंने बताया कि यह मंदिर लगभग 18वीं शताब्दी में निर्मित माना जाता है और इससे जुड़ी कई प्राचीन मान्यताएं एवं किंवदंतियां प्रचलित हैं। उन्होंने बताया कि बसौली धाम की मां को क्षेत्र में कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस सिद्धिपीठ से लाखों लोगों की अगाध आस्था जुड़ी हुई है, यही कारण है कि वर्षभर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है। मौके पर रामसुंदर सिंह, कमलेश सिंह, अशोक कुमार सिंह, नीलू सिंह, दिलीप सिंह, अनीता सिंह, अंतिमा सिंह, संदीप सिंह, प्रदीप सिंह, सरिता सिंह, बृजेश सिंह आदि मौजूद रहे।







