Home उत्तर प्रदेश रेलवे कर्मचारियों ने मनाया काला दिवस

रेलवे कर्मचारियों ने मनाया काला दिवस

मजदूरों के गुलामी के दस्तावेज है चारो श्रमिक कोड बिल:मनोज पांडेय

PRAYAGRAJ NEWS:  केंद्रीय ट्रेंड यूनियंस और इंडियन रेलवे इम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय आह्वान पर आज भारतीय रेलवे से सभी जोनो/उत्पादन इकाइयो में न्यू पेन्शन स्किम, चार श्रम सहिंता और निजीकरण/निगमीकरण का ज़ोरदार विरोध कर प्रदर्शन किया | उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मण्डल में नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन के नेतृत्व रेलवे कर्मचारियों ने प्रयागराज जं हाबड़ा इंड पर न्यू पेन्शन स्किम एवं चारों श्रमिक कोड  बिल के विरोध में शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीक़े बाह में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया,
विरोध प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए *इंडियन रेलवे इम्पलाइज फेडरेशन IREF व नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन NCRWU केंद्रीय महामंत्री कॉमरेड मनोज पाण्डेय ने कहा कि* चारो श्रमिक कोड़ बिल आधुनिक ग़ुलामी के प्रतीक है, उन्होंने कहा वर्षों के संघर्ष और शहादत के बाद जो कानून मजदूरों के हित में बनाए गए थे उन्हें देश बेचवा सरकार कारपोरेट घरानों के पक्ष में खत्म करके चार श्रमिक कोड़ बिल 2020 बनाई है इन चारों श्रम संहिता जिसे आज से देश भर में लागू किया जा रहा है, 1-औद्योगिक संबंध संहिता 2020, 2-व्यवसायिक संरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता 2020, 3-सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, 4-वेतन संहिता  2020, का हम विरोध करते है, कामरेड मनोज ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए न्यू पेन्शन स्किम (एन पी एस) आत्मघाती योजना है इस लिए संगठन इसका विरोध करता है और पुरानी पेन्शन स्किम (ओ पी एस ) लागु होने तक आन्दोलन के लिए प्रतिबद्ध है। विरोध प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए इंडियन रेलवे इम्पलाइज फेडरेशन IREF व नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन NCRWU केंद्रीय संगठन मंत्री डॉ कमल उसरी ने कहा कि पूर्व में मजदूरों कर्मचारियों के हित के लिए जो कानून बनाए गए थे उनमें से 29 केंद्रीय कानूनो का स्वतंत्र अस्तित्व स्वतः समाप्त हो गया, शेष 15 कानूनों में बदलाव किया है यानी कि अब तक जो 44 श्रमिक कानून लागू थे खत्म हो गए है मुख्य रूप अब मजदूरों के सामान्य कार्य दिवस 10 घण्टे से 12 घण्टे अथवा कुछ भी हो सकते है, अब श्रम विभाग के निरीक्षक की भूमिका सिर्फ मदद कर्ता अथवा फेसिलेटर तक़ सीमित कर दी गई है, सामाजिक सुरक्षा में कर्मचारी भविष्य निधि (ई पी एफ़) में योगदान को 12%से घटाकर 10% कर दिया गया है।  लेकिन हम लोग सरकार की तानाशाही रवैये के खिलाफ संघर्ष  जारी रखेंगे, विरोध प्रदर्शन का संचालन नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन के केंद्रीय सहायक महामंत्री कॉमरेड शिवेंद्र प्रताप सिंह ने किया और अध्यक्षता नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री कॉमरेड संजय तिवारी ने किया, विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से कॉमरेड मनोज पाण्डेय, डॉ कमल उसरी, कॉमरेड संजय तिवारी, श्रीमती सुधा देवी जोनल अध्यक्ष महिला मोर्चा, शिवेंद्र प्रताप सिंह, सैय्यद इरफ़ात अली ,संदीप सिंह, दीपक कुमार , सुनील गुप्ता , गोपाल शर्मा, नितिन कुमार, राजू यादव, , पी एन सिंह, पीयूष सोनी, सिद्धार्थ शर्मा, इफ़्तेख़ार अहमद , राजकुमार , सुनील आर्यन आदि मौजूद रहे।