Home उत्तर प्रदेश नये ट्रांसजेण्डर बिल को तुरंत वापस लें सरकार रू कल्याणीनंद गिरि

नये ट्रांसजेण्डर बिल को तुरंत वापस लें सरकार रू कल्याणीनंद गिरि

किन्नर अखाडा की प्रदेश अध्यक्ष ने
ट्रांसजेंडर डे पर किया नये बिल का विरोध
कहा कि हम भी देश के है नागरिक तो दोयम दर्जे का व्यवहार क्यों

PRAYAGRAJ NEWS: किन्नर अखाडा की प्रदेश अध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी कल्याणीनंद गिरि (छोटी माता) के नेतृत्व में आज ट्रांसजेंडर डे मीरापुर में मनाया गया।महामण्डलेश्वर स्वामी कल्याणीनंद गिरि (छोटी माता) ने कहा कि मिशिगन की ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता राहेल क्रैंडल ने ट्रांसजेंडर डे की शुरुआत किया था।
इस दौरान सभी किन्नर संत, शिष्यों ने केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये नये ट्रांसजेण्डर बिल का विरोध किया और कहा कि नये बिल को वापस लेने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि हम भी देश के नागरिक है तो दोयम दर्जे का व्यवहार सरकार क्यों कर रही है।
महामण्डलेश्वर स्वामी कल्याणीनंद गिरि (छोटी माता) ने कहा कि
इस दिन उन्होंने समलैंगिक के अधिकारों और उनके द्वारा विश्व इतिहास पर छोड़ी गई अपनी अमिट छाप को मनाने और उनके अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक करने के लिए ट्रांसजेंडर समाज के लिए अपनी लड़ाई भी शुरू की थी तब से प्रत्येक वर्ष 31 मार्च को यादें ना केवल किन्नर समाज बल्कि सभी समलैंगिक समाज के लोगों द्वारा मनाया जाता है। किन्नर अखाडा की प्रदेश अध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी कल्याणीनंद गिरि (छोटी माता) ने प्रयागराज में भी यह उत्सव किन्नर समाज के संरक्षण में मनाया गया, जहां पर समलैंगिक और किन्नर समाज के लोग बडी संख्या में एकत्र होकर अधिकारों के लिए नारेबाजी भी की। इस दौरान किन्नर अखाडा की प्रदेश अध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी कल्याणीनंद गिरि (छोटी माता) ने कहा कि हम लोग अपने सभी प्रकार के समलैंगिक और किन्नर भाई, बहनों की उपलब्धियों को जश्न के रूप में मानते हैं जो कि समाज को एक अलग स्थान प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि हम अपने उन साथियों को भी याद करते हैं जो हमारे अपने अधिकारों की लड़ाई को लड़ते हुए अपना जीवन न्योछावर कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी कल्याणीनंद गिरि (छोटी माता) ने कहा कि समलैंगिक समाज के लोग अपने अधिकारों को मांगते हुए हम कहते हैं कि हमें दया की भावना नहीं बल्कि हमारे अधिकार चाहिए ताकि हम समाज में सिर उठाकर जी सके। उन्होंने कहा कि हमें अपना अधिकार चाहिए, लोगों से हमें दया नहीं चाहिए बल्कि हम इसी समाज से जन्मे हैं और इस समाज में जहां पर अन्य लोगों को उनका बराबर का अधिकार मिलता है तो वही हमारे लिए समाज में अलग या भेदभावपूर्ण नजरिया  क्यों रखा जाता है, हम पूरी तरीके से इसी समाज का ही हिस्सा है इसलिए जो अधिकार और सम्मान समाज के अन्य लोगों को मिलता है वही अन्य लोगों को मिलना चाहिए। बाकी सब के लिए है वैसे ही अधिकार और सम्मान हमारे लिए भी होना जरूरी है और हम इन्हीं अधिकारों को समाज के बाकी लोगों से मांगते हैं और हमें दया नहीं बल्कि हमारा अधिकार मिले। इस दौरान किन्नर अखाड़ा की हर्षितानंद गिरि, कमाक्षी, पीहू, अराधना, शिवानी नंद गिरि, आलियानंद गिरि, श्रेया, अराधना, चांदनी, मनीषा, सुनैना, महक, मेनका, हिमानी, मिनी, माही, नैन्सी,  मुस्कान, अंशिना सहित बडी संख्या में शिष्य शामिल हुए और नये ट्रांसजेण्डर बिल का विरोध किया।