महेरा तरहार लालपुर प्रतापपुर नौडिया भीलोर सहित कई अवैध घाटों में खनन का खेल, प्रशासन मौन?
प्रातःकाल एक्सप्रेस
लालापुर। प्रयागराज यमुना नदी के तट पर स्थित महेरा तरहार सहित इलाके में कई घाटों पर अवैध खनन का खेल दिनदहाड़े खुलेआम चल रहा है। नदी के बीचों-बीच नावों के जरिए बालू निकालकर किनारे ढेर लगाया जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार विभाग पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं।
शुक्रवार सुबह सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि यमुना नदी में कई नावों के जरिए बालू निकाला जा रहा है, और उसे किनारे जमा किया जा रहा है। यह पूरा खेल खुलेआम हो रहा है। क्षेत्र के भिलोर, प्रतापपुर, नौढ़िया, महेरा सहित घूरपुर से प्रतापपुर मार्ग पर दर्जनों घाटों पर खनन का खेल जारी है। जिससे प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से बालू माफिया सक्रिय हैं। नावों के जरिए नदी के बीच से बालू निकालकर किनारे डंप किया जाता है और बाद में ट्रैक्टर-ट्रॉली से इसकी ढुलाई कर दी जाती है। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने से माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का अवैध खनन न केवल सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाता है, बल्कि नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
सवाल यह उठता है कि जब दिन के उजाले में नदी में नावें चलाकर बालू निकाली जा रही है, तो क्या स्थानीय प्रशासन और खनन विभाग को इसकी जानकारी नहीं है? या फिर सब कुछ जानते हुए भी अनदेखी की जा रही है?
यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यमुना के किनारे अवैध खनन का यह कारोबार और तेज होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।







