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सेना की भूमि से अतिक्रमण हटाने को लेकर भू माफियों में मची भगदड़।

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आपरेशन श्सिंदूरश् के दौरान रक्षा मंत्रालय ने कराया था सर्वे, तमाम कब्जाधारियों को भेजी गई थी नोटिस
सलीम खान,प्रातःकाल एक्सप्रेस
घूरपुर। (प्रयागराज)।मिली जानकारी के मुताबिक घूरपुर क्षेत्र के इरादतगंज स्थित लगभग 1200 एकड़ में फैली ऐतिहासिक हवाई पट्टी पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) द्वारा टाउन सिटी विकसित करने की तैयारी की खबर से क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। आवास विकास योजना हेतु भूमि को  लेकर अधिकारियों की लगातार आवाजाही और सर्वे की गतिविधियों को देखते हुए हवाई पट्टी की जमीन पर अवैध कब्जाधारियों में खलबली मच गई है। कार्रवाई की आशंका से हजारों परिवारों की नींद उड़ी हुई है।
इरादतगंज हवाई पट्टी बारा और करछना तहसील क्षेत्र में फैली हुई है। वर्षों से स्थानीय प्रशासन की अनदेखी और कथित मिलीभगत के कारण हवाई पट्टी की आधे से अधिक जमीन पर दर्जनों गांव बस्तियां, बाजार, स्कूल कालेज और अन्य निर्माण हो चुके हैं। यदि पीडीए की टाउन सिटी योजना अमल में आती है तो इन अवैध कब्जों को हटाना लगभग तय माना जा रहा है। ऐसे में यहां बसे हजारों परिवारों के सामने घर उजड़ने का संकट खड़ा हो सकता है।हवाई पट्टी की जमीन पर वर्षों से कब्जे होते रहे और धीरे-धीरे दर्जनों बस्तियां व आवास बस गए।ऐसे में सवाल उठ रहा है कि राजस्व विभाग के जिम्मेदार कर्मचारी और अधिकारी आखिर इतने वर्षों तक क्या करते रहे। यदि सेना की जमीन पर बने ईंट भट्ठे स्कूल-कॉलेज और ईंट भट्ठों को कैसे मिली मान्यता…..हवाई पट्टी की जमीन पर ही कई स्कूल और कॉलेज के भवन बन गए और उन्हें मान्यता भी मिल गई। इसके अलावा कई ईंट भट्ठे भी इसी जमीन के दायरे में संचालित होते रहे। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इन संस्थानों और भट्ठों को अनुमति किस आधार पर दी गई। सूत्रों कि माने हाल ही में प्रशासन ने हवाई पट्टी की जमीन पर चल रहे कुछ ईंट भट्ठों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें नोटिस एवं जुर्माना भी लगाया। खबर लिखे जाने पर ईट भट्टा मालिकों द्वारा कब्जा बरकार रहा।