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दुर्दशा, गंदगी और बदबू की मार: आतिया तालाब बना प्रशासनिक उपेक्षा की जिंदा मिसाल

JHANSI NEWS: शहर के प्रमुख जलस्रोत आतिया तालाब में हो रहे अवैध कंक्रीटीकरण, अतिक्रमण और प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित पंकज रावत ने जिलाधिकारी झांसी एवं नगर आयुक्त, झांसी नगर निगम को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि आतिया तालाब झांसी खास एवं झांसी सिविल स्थित एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्राकृतिक जलस्रोत और पर्यावरणीय धरोहर है, जो भू-जल रिचार्ज, वर्षा जल संचयन तथा जैव विविधता के संरक्षण में अहम भूमिका निभाता रहा है। किंतु वर्तमान में तालाब एवं उसके जलागम क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कंक्रीटीकरण और अतिक्रमण कर दिया गया है, जिससे तालाब का प्राकृतिक अस्तित्व और पर्यावरणीय संतुलन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि तालाब की सीमा और कैचमेंट एरिया में प्राकृतिक तत्वों को नष्ट कर अवैध निर्माण खड़े किए गए हैं, साथ ही घरेलू एवं व्यावसायिक अपशिष्ट तथा ठोस कचरा सीधे तालाब में डाला जा रहा है। इसके कारण जल की गुणवत्ता बेहद खराब हो चुकी है, जलीय जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंच रहा है और आसपास रहने वाले नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
पंडित पंकज रावत ने प्रशासन से मांग की है कि तालाब एवं उसके जलागम क्षेत्र का तत्काल स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए, अवैध कंक्रीटीकरण और अतिक्रमण को शीघ्र हटाया जाए, सीवर व कचरा प्रवाह रोका जाए तथा दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए। साथ ही तालाब के संरक्षण, सीमांकन, सफाई और पुनर्जीवन हेतु प्रभावी कार्ययोजना लागू करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि तालाब का संरक्षण केवल पर्यावरणीय दृष्टि से ही नहीं, बल्कि जनहित और भावी पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।