Home उत्तर प्रदेश दुष्कर्म करने वालों को दी जाये फांसी : कौशल्यानंद गिरि बड़ी संख्या...

दुष्कर्म करने वालों को दी जाये फांसी : कौशल्यानंद गिरि बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर, गे, लेस्बियन, किन्नरों ने निकाला कैंडिल मार्च सख्त कार्रवाई से अपराधों पर लगेगा अंकुश : कौशल्यानंद गिरि

प्रयागराज। देश में दुष्कर्म और महिला उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं को लेकर लोगों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद नृशंस हत्या किए जाने की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में अभी भी विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। रविवार को संगम नगरी प्रयागराज में एक बार फिर से महिलाओं के साथ देश में उत्पीड़न की बढ़ रही घटनाओं और कोलकाता जैसी रेप की घटना के विरोध में लोगों ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया है। इस दौरान सरकार से मांग की गयी कि महिला उत्पीडन और रेप में जो सजा है वहीं सजा ट्रांसजेंडर, गे, लेस्बियन और पुरुषों के साथ दुष्कर्म और छेड़छाड़ करने पर आरोपी को दी जाये जबकि अभी उत्पीड़न और छेड़छाड़ के नाम पर नाममात्र सजा है।
यूपी किन्नर वेलफेयर बोर्ड की वरिष्ठ सदस्य और किन्नर अखाड़ा की प्रदेश अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरि ( टीना मां) के नेतृत्व में लोगों ने अपने हाथों में बैनर पोस्टर लेकर प्रयागराज के सड़कों पर उतरकर आज विरोध प्रदर्शन किया है। लोगों ने महिलाओं का उत्पीड़न रोकने के लिए कानून में कड़े प्रावधान किए जाने की भी मांग की है।
महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्यानंद गिरि ने दुष्कर्म के आरोपियों के मुकदमे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर उन्हें फांसी की सजा दिए जाने की मांग की है। किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरी ने बेजुबान जानवरों, किन्नरों और नाबालिक बच्चों के साथ होने वाली दुष्कर्म की घटनाओं में भी केंद्र सरकार से कड़े कानून बनाकर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
सिविल लाइंस के हनुमान मंदिर से पत्थर गिरिजाघर तक कैंडल मार्च निकाल कर कोलकाता की डॉक्टर बिटिया को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सुभाष चौराहे पर नुक्कड़ नाटक के जरिए महिलाओं के प्रति हिंसा और दुष्कर्म की घटनाओं को रोकने के लिए लोगों को जागरूक भी किया। कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में किन्नरों के साथ ही सामाजिक संगठनों के लोगों ने भी शिरकत की। कैंडल मार्च का यह कार्यक्रम अखिल भारतीय सतरंगी सलाम संगठन और समर्पित ट्रस्ट की ओर से आयोजित किया गया था।
कैण्डिल मार्च में किन्नर अखाड़ा की श्रीमहंत संजनानंद गिरि,
अखिल भारतीय सतरंगी सलाम संगठन के ट्रस्टी और अध्यक्ष भारतेंदु विमल दुबे, शोभा, नैना, शीतल, राधिका, मनीषा, शिवानी, संध्या, आशा, सृष्टि सहित बड़ी संख्या में शिष्य, ट्रांसजेंडर, गे, लेस्बियन और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग थे।