Home उत्तर प्रदेश ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार ने प्रदर्शन कर डीएम को सौंपा ज्ञापन

ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार ने प्रदर्शन कर डीएम को सौंपा ज्ञापन

बड्स एक्ट 2019 के तहत भुगतान की उठाई मांग
FATEHPUR NEWS: चिटफंड कंपनियों की ठगी का शिकार हुए जमाकर्ता परिवारों ने मंगलवार को जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अनियमित जमा योजनाएं पाबंदी अधिनियम (बड्स एक्ट) 2019 के तहत भुगतान सुनिश्चित कराए जाने की मांग की। ठगी पीड़ितों ने बताया कि वे 1 सितंबर 2024 से नहर कॉलोनी, फतेहपुर परिसर में लगातार धरना-प्रदर्शन कर भारत सरकार द्वारा बनाए गए कानून के अनुसार भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक अधिकारियों द्वारा संसद में सर्वसम्मति से बने कानून का अनुपालन नहीं किया जा रहा है, जो जिले के निवेशकों के साथ अन्याय है।
ज्ञापन में बताया गया कि बड्स एक्ट 2019 के अंतर्गत आवेदन के 180 दिनों के भीतर प्रत्येक निवेशक को उसकी जमा राशि से दो से तीन गुना भुगतान की गारंटी का प्रावधान है। इसके बावजूद आज तक न तो भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो सकी है और न ही सरकार की ओर से कोई स्पष्ट सूचना दी गई है, जिससे ठगी पीड़ितों में भारी आक्रोश है। पीड़ितों का कहना है कि जिलाधिकारी कार्यालय में बड्स एक्ट 2019 के तहत जो भुगतान पटल खोला गया है, वहां करीब 15 लाख आवेदन जमा हो चुके हैं, लेकिन आज तक किसी भी निवेशक को विधिवत रिसीविंग नहीं दी गई, जो शासनादेश के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन है। कई बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद उनकी समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार ने मांग की कि बड्स एक्ट 2019 की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित करते हुए जिले की गरीब जनता की गाढ़ी कमाई का भुगतान कराया जाए। साथ ही चिटफंड कंपनियों के जिम्मेदार ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें बीएनएस 2023 की धारा 111 के तहत दंडित किया जाए, जबकि निर्दोष एजेंटों और निवेशकों को सुरक्षा, सम्मान और न्याय अविलंब प्रदान किया जाए। प्रमुख मांगों में निवेशकों को भुगतान की गारंटी लागू करना, पुलिस द्वारा निर्दोष एजेंटों व निवेशकों का उत्पीड़न बंद करने का लिखित आदेश जारी करना, अब तक कितनी कंपनियों के कितने आवेदन प्राप्त हुए इसका सार्वजनिक विवरण जारी करना तथा भुगतान पटल पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना शामिल है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राम अवतार गुरुजी, बिंदा प्रसाद, दीपक कुमार सैनी, बलराम चंद, राजू, सत्येंद्र, राकेश कुमार, विजय पाल, नरेंद्र कुमार, शिवकरण, ओमप्रकाश, लवकेश कुमार, रामप्रताप, सुरेश चंद्र गोस्वामी, आसाराम, विनोद कुमार, अखिलेश कुमार, संजय कुमार, शिवमोहन, अंबिका प्रसाद, डॉ. इंद्रपाल, सतीश कुमार विश्वकर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में ठगी पीड़ित जमाकर्ता मौजूद रहे।