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भारत के मुसलमानों को हर हाल में अपने वतन हिंदुस्तान के साथ खड़ा होना चाहिए: शेर अली खान

LAKHIMPUR KHERI NEWS: प्रमुख राष्ट्रवादी मुस्लिम नेता और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रांत संयोजक शेर अली खान ने एक ऐतिहासिक बयान देते हुए कहा कि भारत के मुसलमानों को अपने देश की अखंडता और विकास में हर संभव योगदान देना चाहिए।उन्होंने जोर देकर कहा कि यह देश न केवल हमारी मातृभूमि है, बल्कि हमारी पहचान और गौरव का प्रतीक है। शेर अली खान ने कहा: भारत हमारे पूर्वजों की धरती है। यह वह भूमि है जहां हिंदू-मुस्लिम एकता ने इतिहास के पन्नों में अमर मिसालें कायम की हैं। आज हमें इस साझा विरासत को और मजबूत करना है। यह कहना कि मुसलमान दबे हुए हैं या उपेक्षित हैं, न केवल असत्य है, बल्कि यह हमारे देश की एकता और अखंडता को कमजोर करता है। हमें एकजुट होकर काम करना चाहिए ताकि हर भारतीय का विकास हो और हमारा भारत फिर से विश्वगुरु के रूप में खड़ा हो सके।”_ शिक्षा और विकास: मुसलमानों की सबसे बड़ी ताकत शेर अली खान ने शिक्षा और विकास को मुसलमानों की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए कहा:”डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे महान मुस्लिम नेताओं ने यह साबित किया है कि शिक्षा और मेहनत से हर बाधा को पार किया जा सकता है।मुसलमानों को खुद को बेबस या कमजोर समझने के बजाय शिक्षा और विकास को अपनी ताकत बनाना होगा।हमारी उन्नति इसी में है कि हम अपने ज्ञान, कौशल और मेहनत से इस देश को और मजबूत करें।”संविधान और इस्लाम: एक आदर्श संगम उन्होंने भारतीय संविधान को देश की आत्मा और इस्लाम को शांति और भाईचारे का धर्म बताते हुए कहा:”हमारा देश संविधान से चलता है, और यह संविधान हमें बराबरी का अधिकार देता है। यह हर धर्म, हर नागरिक और हर समुदाय को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है। इस्लाम अमन, भाईचारे और मानवता का धर्म है। मुसलमानों को चाहिए कि वे अपने धर्म की सच्ची शिक्षाओं का पालन करें और कट्टरता व नफरत से कोसों दूर रहते हुए देश की प्रगति में अपना योगदान दें।कट्टरता और नफरत के खिलाफ कड़ा संदेश उन्होंने समाज में शांति और समरसता बनाए रखने के लिए कहा:”कोई भी ऐसा बयान जो समाज में अशांति फैलाए या किसी धर्म के खिलाफ हो, वह न तो इस्लाम के हित में है और न ही भारत के। हमें नकारात्मकता और विभाजनकारी विचारधाराओं से बचना होगा। मुसलमानों को यह समझना होगा कि वे इस देश की ताकत हैं, और उनकी भूमिका भारत को मजबूत बनाने में सबसे अहम है।”
हिंदू-मुस्लिम एकता पर बल
शेर अली खान ने हिंदू-मुस्लिम एकता को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा:”हमारे देश की खूबसूरती इसकी विविधता में है। यहां हर धर्म, हर जाति और हर संस्कृति को सम्मान मिला है। हमें इस साझी विरासत पर गर्व करना चाहिए और इसे और मजबूत करना चाहिए। हिंदू और मुस्लिम एकता का मतलब केवल साथ रहना नहीं है, बल्कि एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़ा होना है। यही हमारा कर्तव्य है और यही हमारा धर्म है।”समापन संदेश “मैं, शेर अली खान, एक राष्ट्रवादी मुस्लिम होने के नाते यह कहना चाहता हूं कि हमारा धर्म और हमारा देश एक-दूसरे के पूरक हैं। हमें अपनी जड़ों को पहचानते हुए,भाईचारे और शांति के रास्ते पर आगे बढ़ना है। मुसलमानों को चाहिए कि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों का पालन करते हुए भारत को एक मजबूत,समृद्ध और गौरवशाली राष्ट्र बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।भारत हमारा गौरव है, और इसे विश्वगुरु बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।”
प्रमुख बिंदु:
1. भारत के मुसलमानों की भूमिका: मुसलमान भारत की ताकत हैं और उन्हें राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
2. शिक्षा और मेहनत का महत्व:  शिक्षा और विकास ही मुसलमानों की असली ताकत है।
3. संविधान और इस्लाम का संगम: भारतीय संविधान और इस्लाम की शिक्षाएं शांति और समानता का संदेश देती हैं।
4. कट्टरता और नफरत से दूरी:  समाज में अशांति फैलाने वाले बयानों की कड़ी निंदा।
5. हिंदू-मुस्लिम एकता: भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।