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दिल दुखा रहे हैं अपने मां-बाप का, उनको किसी तीर्थ का फल नहीं मिलता

सांगीपुर में कवि सम्मेलन में काव्यपाठ कर कवियों ने समाज को दिया संदेश
PRATAPGARH NEWS : सांगीपुर क्षेत्र के कटरा गांव में स्वतंत्र कवि मंडल के तत्वाधान में महाकवि पं0 छविश्याम पांडेय की स्मृति में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से समाज और राष्ट्र की कुरीतियों पर करारा प्रहार किया। विभिन्न विधाओं की रचनाओं ने श्रोताओं को न केवल बांधे रखा, बल्कि समाज को दिशा देने का कार्य भी किया। कवि सम्मेलन की शुरुआत सुनीता आजमगढ़ी की वाणी वंदना से हुई। इसके बाद प्रेम कुमार त्रिपाठी ने चंद्रशेखर आजाद पर केंद्रित अपनी ओजपूर्ण कविता से राष्ट्रप्रेम का अलख जगाया। वहीं जयराम पाण्डेय ‘राही’ की पंक्तिया “जो दिल दुखा रहे हैं अपने मां-बाप का, उनको किसी तीर्थ का फल नहीं मिलता” ने उपस्थित लोगों को माता-पिता की सेवा के प्रति जागरूक किया। अनूप त्रिपाठी ने चुनाव आते ही नेताओं के बदलते तेवर पर तंज कसते हुए कहा “चुनाव आते ही नेतागण फलसफा बताते हैं, हिंदू-मुस्लिम में यही भेद बताते हैं, ने खूब सराहना बटोरी। ओमप्रकाश पाण्डेय ‘गुड्डू’ ने मानव स्वार्थ पर चोट करते हुए “स्वार्थ की बेड़ियों से बंधा आदमी, जितना ऊपर गया उतना नीचे गया पढ़ा तो जमकर तालियां बजी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य वीरेंद्र शुक्ल ने कहा कि कवि समाज का सच्चा पथप्रदर्शक होता है, जो समय-समय पर अपनी वाणी से समाज को आईना दिखाता है। कवि सम्मेलन में अरुण रत्नाकर, संजय शुक्ल, पवन प्रखर, ज्ञानेंद्र पाण्डेय ‘मधुरस’, श्याम शंकर पाण्डेय ‘विनोद’, शब्बीर सूरी, चंद्रशेखर विकास, गीता पाण्डेय ‘अपराजिता’, दीपेंद्र ‘तन्हा’, देवेंद्र सिंह ‘काका’, उज्जड़ जौनपुरी व अन्य कवियों ने अपनी रचनाओं से वातावरण को काव्यमय किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमप्रकाश पाण्डेय व संचालन हरिवंश शुक्ल ‘शौर्य’ ने किया। संजोयक ग्राम प्रधान राकेश सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजक यज्ञ कुमार सिंहम ने सभी के प्रति आभार जताया। इस मौके पर क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।