VARANASI NEWS: दालमंडी में दोपहर बाद पीडब्ल्यूडी की टीम ने दूसरी दुकान को तोड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान दर्जनों की संख्या में पुलिस तैनात रही। सुरक्षा के बाबत दालमंडी जाने वाला रास्ता रोक दिया गया था। दालमंडी में 29 अक्तूबर के 10 दिन बाद यानी 8 नवंबर को एक बार फिर प्रशासन का हथौड़ा चला। चैक थाने के बगल में पुलिस ने बल्ली लगाकर दालमंडी में जाने वाला रास्ता रोक दिया था। राकेश और दीपक की दुकान से सटे विजय, कल्लू और भोला चैरसिया की शाॅप को तोड़ा गया।
बता दें कि बीते 29 अक्तूबर को पीडब्ल्यूडी ने दालमंडी
चैड़ीकरण योजना की शुरुआत कर दी थी। दालमंडी के एक मकान को तोड़ा गया था। 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी और आरएएफ के जवानों की मौजूदगी में हथौड़ा और ड्रिल मशीन चलाकर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। चैड़ीकरण की जद में आने वाले चैक थाने की बैरक का कुछ हिस्सा भी तोड़ा गया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन ने बिजली काटकर ड्रोन से निगरानी की। उस दिन दालमंडी में तोड़फोड़ की कार्रवाई से नाराज कुछ दुकानदारों ने शटर गिराकर अपनी दुकानें बंद कर दी थी। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल देखकर दालमंडी में भीड़ एकत्र हो गई थी। चैक थाने से दालमंडी में प्रवेश करते ही दूसरी दुकान एक स्टूडियो की थी। इसके मालिक कालीमहल निवासी राकेश और दीपक रहे। उनके अनुसार उन्हें 15 लाख रुपये मुआवजे के रूप में मिले हैं।





