JHANSI NEWS: मिशन शक्ति 5.0 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झांसी के कार्यालय में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष श्रीमती कमलेश कच्छल और अपर जिला न्यायाधीश/सचिव शरद कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में किया गया. इस अवसर पर बुंदेलखंड सेवा संस्थान की टीम ने बाल विवाह रोकथाम के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इसके साथ ही सभी मध्यस्थ अधिकारी और पराविधिक स्वयंसेवक भी कार्यक्रम में शामिल हुए कार्यक्रम के दौरान बुंदेलखंड सेवा संस्थान के सदस्यों ने पराविधिक स्वयंसेवकों और उपस्थित लोगों से सरल शब्दों में चर्चा करते हुए बताया कि बाल विवाह सिर्फ एक परंपरा नहीं बल्कि एक ऐसी गलती है जो बच्चे के पूरे भविष्य को प्रभावित कर देती है। उन्होंने समझाया कि “जब किसी लड़की की शादी कम उम्र में कर दी जाती है तो वह न तो पढ़ पाती है, न खुद के लिए कोई निर्णय ले पाती है। इतनी छोटी उम्र में जिम्मेदारियों का बोझ उस पर डाल देना उसके बचपन और सपनों को छीन लेने जैसा है।” सदस्यों ने लोगों को यह भी बताया कि बाल विवाह से लड़कियों का स्वास्थ्य, शिक्षा, और आत्मनिर्भर बनने का अधिकार प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि अगर कहीं बाल विवाह की जानकारी मिले, तो तुरंत इसकी सूचना प्रशासन या विधिक सेवा प्राधिकरण को दें। कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि “बाल विवाह को रोकना केवल कानून की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है। जब तक हम सब एकजुट होकर आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक बदलाव संभव नहीं है।” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजपाल अरोरा, एल.ए.डी.सी. अजितेंद्र तिवारी, आदिल जाफरी (वरिष्ठ सहायक), तथा बुंदेलखंड सेवा संस्थान से अमनदीप और शिवानी उपस्थित रहे।







