भिटौरा को धार्मिक केन्द्र बनाने पर जनपद वासियों ने दिया जोर
FATEHPUR NEWS: जिले को ‘विकसित भारत मिशन 2047’ के लिए 15,415 ऑनलाइन सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों ने शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक उत्साह दिखाया है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पवन कुमार मीना ने बताया कि यह जनसमर्थन ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ अभियान को मजबूत कर रहा है। प्राप्त सुझावों में उत्तर वाहिनी गंगा तट भिटौरा को धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। भिटौरा निवासी अमित ने इसके धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसे हरिद्वार और बनारस की तर्ज पर विकसित करने का सुझाव दिया है। उन्होंने भृगु मंदिर के निर्माण के साथ-साथ क्षेत्र की सड़कों और रेलवे स्टेशनों को बेहतर बनाने की भी मांग की है। अमित ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा को अनिवार्य करने का सुझाव भी दिया है। अन्य महत्वपूर्ण सुझावों में शिक्षा और बुनियादी ढाँचे से संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं। इसी कड़ी में व्यापारी नेता प्रदीप गर्ग ने शिक्षा मॉडल में बदलाव करते हुए हर वर्ष बदलने वाली किताबों को स्थायी करने की सलाह दी है। रारा के दुर्गा प्रसाद ने सड़क, नाली और पथ प्रकाश जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं को अगले 25 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाने का सुझाव दिया है। औरेई के राहुल दुबे ने निःशुल्क राशन और एमडीएम जैसी हितलाभ योजनाओं को अन्य प्रकार से प्रदान करने की वकालत की है। पत्रकारों एवं कलमकारों के शीर्ष संगठन साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन (सीजेए) की ओर से भी कई सुझाव सरकार को साझा किए गए हैं। संगठन की ओर से साझा किए गए सुझावों में पत्रकार एवं कलमकारों की स्थिति के साथ ही प्रदेश तथा देश में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि व किसानों से जुड़ी चीजों को मुफ्त या न के बराबर शुल्क लेते हुए सुविधा देने की बात कही गई है। जिससे संगठन का मानना है कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण चीज निःशुल्क हो जाएगी तो लोग अपना रोजगार स्वयं से स्थापित कर लेंगे। इसी तरह से अन्य बुद्धजीवियों ने भी सरकार को विकसित भारत बनाने हेतु अपने -अपने सुझाव साझा किए गए हैं।







