JAUNPUR NEWS: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के दीक्षांत समारोह में इस बार प्रतिभा, परिश्रम और उत्कृष्टता का अद्भुत संगम देखने को मिला। समारोह के दौरान कुल 79 मेधावियों को 80 स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया, जिनमें स्नातक और परास्नातक दोनों स्तर के प्रतिभाशाली विद्यार्थी शामिल रहे।
संघर्ष में झलकी सफलता की चमक
स्नातक स्तर पर 24 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिनमें 15 छात्राएं और 9 छात्र शामिल हैं। वहीं परास्नातक स्तर पर 55 विद्यार्थियों को 56 स्वर्ण पदक मिले, जिनमें 32 छात्राएं और 23 छात्र हैं। एमए जनसंचार में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले रक्षित प्रताप सिंह ने दो स्वर्ण पदक हासिल किए कृ एक विश्वविद्यालय की ओर से और दूसरा ‘अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक’, जो कुलाधिपति महोदय द्वारा प्रदान किया गया। कुल मिलाकर, इस बार 47 छात्राओं और 32 छात्रों ने अपने परिश्रम से विश्वविद्यालय को गौरवान्वित किया।
शिक्षकों को भी मिला सम्मान,
दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के पाँच उत्कृष्ट शिक्षकों को भी उनके योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।सम्मानित शिक्षकों में शामिल रहे। डॉ. विक्रांत भटेजा इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संकाय प्रो. मानस पांडेय, प्रबंध अध्ययन संकाय,डॉ. सुजीत कुमार दृ विज्ञान संकाय,डॉ. जानवी श्रीवास्तव,सामाजिक विज्ञान संकाय,डॉ. वनिता सिंह विधि संकाय, कलाधिपति महोदय ने इन सभी को प्रमाणपत्र प्रदान करते हुए उनके शैक्षिक योगदान को नमन किया।
मेधा, भावना और प्रेरणा का संगम
दीक्षांत समारोह केवल शैक्षणिक उपलब्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के संघर्ष, शिक्षकों के समर्पण और परिवार की उम्मीदों की जीत भी है। विश्वविद्यालय परिसर में गूंजते पदकों की खनक ने एक बार फिर साबित किया कि पूर्वांचल की धरती प्रतिभा की खान है।







