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रेवाड़ी गांव में पटाखा विस्फोट से पिता – पुत्री की हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी

एसपी ने थाना प्रभारी, हल्का प्रभारी एवं बीट के दो सिपाहियों को निलंबित किया

FATEHPUR NEWS: जनपद के बिंदकी तहसील के रेवाड़ी खुर्द गांव में सोमवार सुबह लगभग 10 बजे घर के ऊपर बने कमरे में विस्फोट हो गया है। मलबे में दब कर गृहस्वामी नूर मोहम्मद (57), पुत्री तायबा (18) की मौके पर ही मौत हो गई जबकि घटना में नूर मोहम्मद का पुत्र अलीशेर, दूधिया गुड्डू निवासी लक्ष्मणपुर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को गंभीर हालत में पीएचसी गोपालगंज से हैलेट अस्पताल कानपुर रेफर किया गया है। पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह ने मौके का निरीक्षण किया है। मृतक गांव के बाहर पटाखा बनाने की फैक्टरी चलाता था। पुलिस विस्फोट का कारण जानने के लिए जांच में जुटी है। घटना पटाखा बनाने के दौरान घर की छत उड़ गई और आसपास का इलाका दहल गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे। कल्यानपुर थाना प्रभारी शैलेश सिंह ने बताया कि विस्फोट के पहले घर में सिलेंडर फटने की आशंका है, लेकिन मुख्य कारण की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। विस्फोट में घर की उपरी छत पूरी तरह ढह गई और दूधिया की साइकिल व पीपा मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने मिलकर घायल व्यक्तियों को बाहर निकाला और धुआं शांत करने का प्रयास किया, लेकिन बिजली न होने के कारण इसमें सफलता नहीं मिली। प्रधान रवि मिश्रा ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस और स्थानीय प्रशासन घटना की जांच में जुटे हैं। फिलहाल हादसे की वजह का पता फॉरेंसिक जांच के बाद ही चल पाएगा। यह हादसा त्योहारों के सीजन में पटाखा निर्माण की खतरों को फिर से उजागर करता है। जिले में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जहां अवैध या लापरवाही भरी निर्माण प्रक्रिया से जानें गई हैं। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी है और जांच पूरी होने पर आगे की कार्रवाई का ऐलान किया है। परिवार और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई है। नूर मोहम्मद के परिवार में अब कोई सहारा नहीं बचा, जबकि उनका बेटा अलीशेर की जान बचाने के प्रयास जारी है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सहायता का भरोसा दिलाया है।
वहीं पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सिंह द्वारा स्थलीय निरीक्षण करते हुए लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना प्रभारी, हल्का प्रभारी एवं दो बीट कांस्टेबल को निलंबित करते हुए मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है।

पूर्व की घटनाओं से भी नहीं सीखा प्रशासन, आखिर कब तक जाती रहेंगी मासूम जानें?

जनपद में एक बार फिर पटाखा विस्फोट की घटना ने प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी है। सोमवार को हुए भीषण हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने इससे पहले भी जिले में हुई पटाखा फैक्ट्री व गोदामों में हुए हादसों से कोई सबक नहीं लिया। लाइसेंसधारियों की ढंग से जांच नहीं होती और अवैध रूप से चल रही दुकानों व गोदामों पर रोक नहीं लगाई जाती। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जिम्मेदार विभाग समय रहते कार्रवाई करता तो यह हादसा टाला जा सकता था। हर साल दीवाली व अन्य अवसरों पर ऐसे हादसों से गरीब और मजदूर तबके के लोगों की जान जाती है, लेकिन प्रशासन केवल खानापूर्ति कर मामला रफा-दफा कर देता है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और अवैध पटाखा कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
अब सवाल उठता है कि आखिर कब तक जिले में ऐसे हादसे होते रहेंगे और निर्दोष लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे? प्रशासन की जिम्मेदारी केवल घटना के बाद मुआवजा बांटने तक ही क्यों सीमित है?

जनपद में हाल ही में हुए कुछ विस्फोट के घटना क्रम

घटना क्रम – 1

इससे पहले दो सप्ताह पूर्व 14 सितंबर को धाता कस्बे में एक मकान में पटाखा बनाते समय विस्फोट हो गया था जिसमें 60 वर्षीय महरुन निशा की मौके पर ही मौत हो गई थी। एक 15 वर्षीय किशोरी गंभीर रूप से झुलस गई थी। पुलिस का कहना था कि दुर्घटना शार्ट-सर्किट के कारण हुई जबकि स्थानीय लोगों का कहना रहा है कि मकान में काफी समय से पटाखा बनाने का काम चल रहा था।

घटना क्रम – 2

जबकि उससे पहले हुसैनगंज थाना क्षेत्र के जमरावां गांव में 24 अगस्त को आबादी से दूर कोठरी के नीचे पटाखा बनाते समय बारूद में भीषण विस्फोट से लाइसेंसधारक व उसकी पत्नी गंभीर रूप से झुलस गए और कोठरी ढह गई। तेज धमाका की आवाज सुनकर ग्रामीण दौडे और गंभीर हालत में दंपती को जिला अस्पताल भेजा गया जहां पत्नी विमला देवी की मौत हो गई जबकि लाइसेंसधारक वीरेन्द्र पासवान को एलएलआर हास्पिटल कानपुर रेफर किया गया।

घटना क्रम – 3

उससे पहले बीते 5 अक्टूबर 2024 को खागा कोतवाली क्षेत्र के मुसवापर मोहल्ला निवासी चांदबाबू पटाखा बनाने का काम करता था। उसके पास आतिशबाजी का लाइसेंस था। असोथर थाना क्षेत्र के सातों धरमपुर गांव में उसका पटाखा बनाने का कारखाना था। जहां पर आतिशबाज अपने परिवार के सदस्यों के साथ पटाखा बनाने का काम करता था। बताया जा रहा है कि 4 अक्टूबर शुक्रवार की रात चांदबाबू और उसका 15 वर्षीय बेटा आसियान कारखाने से पटाखा बनाने के बाद बारूद लगी रस्सी को लेकर गांव के बाहर खेतों में औजार से काट रहे थे। इस दौरान बाप बेटे के शरीर में बारूद लगे होने के चलते औजार से निकली चिंगारी से शरीर मे आग पकड़ ली। इस हादसे में बाप-बेटे बुरी तरह झुलस गए। जिन्हें आनन-फानन परिजन शहर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां इलाज के दौरान देर रात आसियान की मौत हो गई। पुलिस को बगैर सूचना दिए ही परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।