राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर काले कानून में संशोधन करने की मांग की
BHADOHI NEWS: अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) के आह्वान पर सोमवार को जनपद के शिक्षकों ने जिलाध्यक्ष धीरज सिंह की अगुवाई में डीएम को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसके माध्यम से देशभर के लाखों शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा से जुड़ी गंभीर समस्या को उठाया। इस दौरान महासंघ विंध्याचल मंडल महामंत्री संतोष सिंह ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश जिसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को सभी सेवारत शिक्षकों पर अनिवार्य रूप से लागू करने की बात कही गई है। उसे तत्काल प्रभाव से भविष्य रक्षी रूप में लागू किया जाए। 2010 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। न्यायालय के आदेश से उत्पन्न भय और असमंजस की स्थिति को दूर करने के लिए केंद्र सरकार तत्काल स्पष्ट निर्णय लें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को संगठन पर विश्वास करते हुए साथ देना चाहिए। महासंघ ही काले कानून को संसद में संशोधन करने के लिए बाध्य करेगा। जिलाध्यक्ष धीरज सिंह ने कहा कि सरकार को चाहिए कि न्यायालय के आदेश पर तुरंत सकारात्मक हस्तक्षेप कर शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा की गारंटी दे। ताकि शिक्षक पूर्ण समर्पण के साथ शिक्षा के कार्य में लगे रह सकें। जिला महामंत्री क्रांतिमान शुक्ल ने कहा कि यह केवल शिक्षकों का ही नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता का सवाल है। यदि लाखों शिक्षक असुरक्षा में रहेंगे तो शिक्षा की गुणवत्ता पर गहरा असर पड़ेगा। केंद्र सरकार को अविलंब सकारात्मक हस्तक्षेप करना चाहिए। इस मौके पर रितेश तिवारी, शिल्पी, प्रिया, ज्योति वर्मा, पूजा यादव, सुरेखा तिवारी, रेखा जायसवाल, प्रतीक मालवीय, अरुण यति, महेश यादव, रुक्मणी पांडेय, मनोज सिंह, निशांत यादव, रत्नाकर राय, सुरेश मौर्य, देवेंद्र विश्वास, राजीव रतन यादव, देवेंद्र मिश्र, शिवपूजन गिरी व मनीष पांडेय आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहें।







