Home आस्था दशलक्षण का पांचवा दिन उत्तम सत्य धर्म के रूप मे मनाया

दशलक्षण का पांचवा दिन उत्तम सत्य धर्म के रूप मे मनाया

SAHARANPUR NEWS: सोमवार क़ो नगर सुल्तानपुर चिलकाना के जैन समाज के लोगों द्वारा जैन धर्म का सबसे बड़ा पर्व  दसलक्षण पर्व का पांचवा दिन उत्तम सत्य धर्म के रूम में मनाया गया।आज प्रातः काल दिगंबर जैन मंदिर चिलकाना में  सांगानेर जयपुर राजस्थान से आये पंडित अरिहंत जैन शास्त्री के नेतृत्व में जैन समाज के लोगों द्वारा मंदिर की में शान्तिधारा व विशेष पूजा अर्चना की गई । इसके पश्चात पंडित अरिहंत जैन शास्त्री ने उत्तम सत्य धर्म के बारे में बताया कि  आज उत्तम सत्य धर्म का दिन है उत्तम सत्य धर्म  का तात्पर्य सिर्फ सत्य वचन बोलना ही नहीं है । सत्य धर्म और सत्य वचन दोनों भिन्न-भिन्न है । झूठ नहीं बोलना, जैसा देखा सुना जाना वैसा बोलने को सत्य कहा जाता है । आत्मा भी एक द्रव है, अतः वह सत्स्वभावी है । सत्स्वभावी आत्मा के अनुभव से आत्मा में जो शांति स्वरूप वीतराग परिणति उत्पन्न होती है उसे सत्य धर्म कहते हैं ।  अपने अंतर मे विद्यमान ज्ञानानंद स्वभाव से उत्पन हुआ ज्ञान, श्रद्धान एवं  वीतराग परिणति ही उत्तम सत्य धर्म है और वही मोक्ष का कारण है । इस अवसर पर जैन समाज के अध्यक्ष राकेश जैन,तरसैन जैन, जिनेंद्र जैन, नगर सभासद अनुपम जैन, अनुज जैन, विनय जैन,श्रयांश जैन, नितिन जैन, सचिन जैन, सौरभ जैन, मन्नू जैन, नीरज जैन, अनमोल जैन, आशीत जैन, अंकुर जैन,रक्षित जैन आदि सभी ने भावपूर्वक भगवान की विशेष पूजा अर्चना की गई ।