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खण्ड विकास अधिकारी, पंचायत सचिव व सम्बन्धित पशु चिकित्साधिकारी पर होगी कार्यवाही: जिलाधिकारी

प्रत्येक गौशालाओं में हरे चारे की करे व्यवस्था, चिन्हित गोचर भूमि पर खण्ड विकास अधिकारी बुवाए हरा चारा

MIRZAPUR NEWS: सोमवार को जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कलेक्ट्रेट सभागार में गौ आश्रय स्थलों में अपेक्षित सुधार लाने हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य पुश चिकित्साधिकारी सहित सभी चिकित्साधिकारियों व खण्ड विकास अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने सभी खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गौशालाओं का उनके द्वारा निरीक्षण किया जाए तथा ग्राम पंचायत सेक्रेटरी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि गौशालाओं में गाय/गौवंश को उचित आहार मिले तथा गौवंश स्वस्थ्य रहें। जिस गौशाला में गौवंश कमजोर पाए जाते है उससे सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए सम्बन्धित पंचायत सेके्रटरी पर विभागीय कार्यवाही की जाएगी। इसी प्रकार बीमार गौवंशो के समुचित उपचार न पाए जाने पर सम्बन्धित पशु चिकित्साधिकारी को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए अन्य विभागीय कार्यवाही भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में रह रहे गौवंशो के प्रति लापरवाही व उदासीनता किसी स्तर पर बर्दाशत नही की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि पशु चिकित्साधिकारी गौवंशो का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए बीमार पशुओं का समुचित उपचार करें। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में चिन्हित गोचर भूमि/चारागाह पर हरे चारे की बुआई कराएं ताकि गौशालाओं में पशुओ को हरा चारा मिल सकें। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि अतिक्रमण मुक्त कुल 32 हेक्टेयर गोचर भूमि में से मात्र 08 हेक्टेयर भूमि पर हरा चारा की पैदावार की जा रही है जो अत्यंत ही चिन्ताजनक हैं। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 को निर्देशित करते हुए कहा कि शेष गोचर भूमि को चिन्हित करते हुए अतिक्रमण से मुक्त कराएं तथा अतिक्रमकारियों विरूद्ध कार्यवाही भी की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि गौ सेवा स्वंय में एक पुण्य का कार्य माना गया है उसमें से मां विन्ध्यवासिनी देवी के पवित्र धाम में सेवा करने का अवसर हम सभी को मिला है गौवंशो की समुचित देखभाल करते हुए जनता की समस्याओं का समाधान कर पूण्य का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने गौशालाओं में खण्ड विकास अधिकारी को नियमित सुपरविजन करने का निर्देश दिया। यह भी निर्देशित किया कि गौशालाओं में रह रहे गौवंशो का पंजीयन रजिस्टर में दर्ज होना चाहिए, जितने गौवंश पंजीयन रजिस्टर में दर्ज है उनती संख्या मौके पर होनी भी चाहिए। चोकर, भूषा आदि की समुचित व्यवस्था हो। सुपुर्दगी किए गए गौवंशो का पशु चिकित्साधिकारी अपने-अपने क्षेत्र भ्रमण कर सत्यापन कर उसकी स्वथ्यता के बारे में भी आख्या उपलब्ध कराएं। जिलाधिकारी ने सभी नगर पालिकाओं/पंचातय के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़को पर छुट्टा पशुओं को अभियान चलाकर पकड़कर उन्हें गौशालाओं में रखा जाए इस कार्य हेतु पुलिस का भी सहयोग लिया जा सकता हैं। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 अजय कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नितेश सिंह, परियोजना निदेशक डी0आर0ए0 धर्मजीत सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ बी0के0 पाठक, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सुरेन्द्र वर्मा सहित सभी खण्ड विकास अधिकारी व पशु चिकित्साधिकारी उपस्थित रहें।