PRAYAGRAJ NEWS: बुधवार को रक्षा एनजीओ के बैनर तले वंशिका गुप्ता के नेतृत्व में दर्जनों पशु-अधिकार समर्थकों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के विरोध में था, जिसमें दिल्ली-एनसीआर की सभी कुत्तों को आठ सप्ताह के अन्दर सड़कों से हटाकर वापस न छोड़ने का निर्देश दिया गया है। एनजीओ ने इस आदेश को अव्यावहारिक, अवैध और अमानवीय बताया। यह आदेश एक अस्पष्ट समाचार रिपोर्ट और बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए काटने के आंकड़ों पर आधारित है आधिकारिक आंकड़े इससे कहीं कम हैं। यह पशु जन्म नियंत्रण (ABC) नियम, 2023 के विपरीत है, जो पकड़-बन्ध्याकरण-टीकाकरण-वापसी (Catch-Neuter-Vaccinate-Return) की वैज्ञानिक और सिद्ध पद्धति को अनिवार्य बनाता है।दिल्ली-एनसीआर में लाखों कुत्तों को रखने के लिए पर्याप्त आश्रय क्षमता नहीं है; बड़े पैमाने पर हटाने से “रिक्ति प्रभाव” (Vacuum Effect) के कारण स्थिति और बिगड़ सकती है। वंशिका गुप्ता ने कहा नीतियां तथ्यों, करुणा और विज्ञान पर आधारित होनी चाहिए, डर और भ्रामक सूचनाओं पर नहीं। रक्षा एनजीओ ने नीति-निर्माताओं से नसबंदी, टीकाकरण, कचरा प्रबंधन और आक्रामक कुत्तों के मानवीय प्रबंधन में निवेश करने तथा स्वस्थ कुत्तों को बड़े पैमाने पर कैद करने की नीति को अस्वीकार करने की अपील की।







