Home उत्तर प्रदेश 15 अगस्त तक निपटाए जाए राजस्व के सभी पुराने केस: जिलाधिकारी

15 अगस्त तक निपटाए जाए राजस्व के सभी पुराने केस: जिलाधिकारी

सिद्धार्थनगर में हुई समीक्षा बैठक, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी,वसूली और अतिक्रमण पर भी फोकस

SIDDHARTHNAGAR NEWS: जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व वाद एवं वसूली के सम्बन्ध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) गौरव श्रीवास्तव एवं अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश की उपस्थिति में हुई इस बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व संबंधी प्रकरणों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने निर्विवाद वरासत एवं राजस्व वादों के निस्तारण आदि की गहन समीक्षा की। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि निर्विवाद वरासत का कोई भी प्रकरण लंबित न रहे और समय-सीमा के अन्दर निस्तारण कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि राजस्व निरीक्षक/लेखपाल के स्तर पर कोई भी मामला लंबित पाए जाने पर उनको नोटिस जारी किया जाएगा। तहसील बाँसी एवं शोहरतगढ़ में राजस्व वादों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की गई, जिस पर उन्होंने संतोषजनक स्थिति न होने पर नाराजगी भी व्यक्त की। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि धारा-116 के 3 वर्ष से उपर के प्रकरणों को 15 अगस्त 2025 तक हर हाल में निस्तारित कराया जाए। समस्त उपजिलाधिकारी/उपजिलाधिकारी न्यायिक, तहसीलदार/तहसीलदार न्यायिक, नायब तहसीलदार को प्रत्येक दिन अपनी कोर्ट में बैठकर 3 वर्ष से अधिक के सभी वादों का निस्तारण करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने यह भी आदेश दिया कि धारा 34 के 3 वर्ष से उपर के प्रकरणों को 25 अगस्त 2025 तक निस्तारित कराया जाए। उन्होंने वादों को ऑनलाइन फीडिंग कराने का भी सख्त निर्देश दिया और वरासत के प्रकरणों का समय-सीमा के अन्दर निस्तारण कराने पर जोर दिया, कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी धारा का 5 साल एवं 3 साल से ऊपर का कोई भी प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। अंश निर्धारण में भी प्रगति लाने का निर्देश दिया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने धारा-24, धारा-176, धारा-67 और धारा-80 के अन्तर्गत लंबित प्रकरणों पर तत्काल कार्यवाही करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने समस्त उपजिलाधिकारियों को हाट-पैठ हेतु भूमि चिन्हित कर उपलब्ध कराने, खुर्रा बटवारा के प्रकरणों को तुरंत निस्तारित कराने और कोई भी प्रकरण लंबित न रखने को कहा। सभी उपजिलाधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह लेखपालों के कार्यों की समीक्षा करने का निर्देश भी दिया गया। इसके साथ ही, सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर उस पर पत्थर लगवाने और राजस्व वसूली बढ़ाकर निर्धारित लक्ष्य पूर्ण करने पर भी जोर दिया गया। अंत में, जिलाधिकारी ने आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) के प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने का भी सख्त निर्देश दिया।
इस अवसर पर समस्त उपजिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी न्यायिक, समस्त तहसीलदार, समस्त तहसीलदार न्यायिक, नायब तहसीलदार, व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।