एक भाई की नहर में डूबने से दूसरे की ट्रेन से कटकर हुयी मौत
पूरे गांव में शौक का माहौल
ETAWA NEWS: रविवार का दिन क्षेत्र के निलोई गांव के रामप्रकाश जाटव के परिवार के लिए काला दिन साबित हुआ।एक ही दिन उनके दो जवान बेटों की मौत ने पूरे गांव को शौकाकुल कर दिया।एक साथ दो सगे भाइयों के शवों को देखकर हर किसी की आंखों से आंसू छलक उठे।एक बेटे की नहर में डूबने से मौत जबकि दूसरा बेटा नहर में डूबे भाई को देखने आ रहे तभी उसकी भी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गयी। रविवार को ग्राम निलोई के 24 वर्षीय सत्यवीर पुत्र स्व रामप्रकाश शाम चार बजे करीब अपने दोस्तों संग सिरहोल पुल के पास नहर में नहाने गया था।दोस्तों संग नहाने के दौरान सत्यवीर गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव में बहने लगा। साथियों ने शोर मचाकर उसे बचाने की कोशिश की लेकिन देखते ही देखते वह पानी में समाकर नजरों से ओझल हो गया। दोस्तों के शोर शराबे से आये ग्रामीण और सूचना पर पहुंचे परिजन व थाना निरीक्षक रामसहाय सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। इंस्पेक्टर रामसहाय सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने तुरंत ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। नहर के किनारे लोग घंटों टकटकी लगाए खड़े रहे। मां की दहाड़ और पिता का सिर थामकर बैठ जाना वहां मौजूद हर इंसान की रूह कंपा गया। घटना स्थल पहुंचे उप जिलाधिकारी कुमार सत्यम जीत क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह ने देर रात तक खोजी टीम से सर्च ऑपरेशन चलवाया।सफलता न मिलने पर सोमवार की सुबह इंस्पेक्टर राम सहाय सिंह की अगवाई में पुनः नहर में डूबे सत्यवीर को खोजने के लिए गोताखोरों की टीम लगाई गई।करीब 11 बजे भतौरा के निकट उसका शव बरामद हुआ।
इधर नहर में डूबे युवक सत्यवीर की सूचना उसके बड़े भाई इंद्रजीत जो कि पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर हरदोई में तैनात है को मिली तो वह रविवार को ही अवकाश लेकर घर आने के लिए ट्रेन से निकला पर नियत को कुछ और ही मंजूर था। संडीला संडीला रेलवे स्टेशन पर इंद्रजीत किसी ट्रेन की चपेट में आ गया और उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। दोनों बेटों की असमय मौत की सूचना सुनकर मां की ममता पर ऐसा वज्राघाट हुआ कि वह बेहोश हो गई। मृतकों के पिता की भी पूर्व में मौत हो चुकी है।मां की सूनी आंखें और बार-बार बेहोश होती हालत देख ग्रामीण भी बिलख पड़े। हर कोई यही कह रहा था कि “भगवान किसी मां को यह दिन न दिखाए।” मृतक सात भाई थे जिनमें एक भाई जो दूसरे नंबर का था वर्ष 2011 में लापता हो गया था मृतक सत्यवीर मेहनत मजदूरी करता था और पांचवे नंबर का था जबकि पुलिस मे कार्यरत मृतक इंद्रजीत तीसरे नंबर का था।







