स्मार्ट मीटर बन गया है उपभोक्ताओं का खून चूसने वाला मीटर MIRZAPUR NEWS: जनपद सहित अन्य सभी प्रदेशों में इस वक्त इलेक्ट्रॉनिक मीटर का आतंक जनता पर छाया हुआ है। प्रत्येक ग्राहक के बिजली के मीटर में एक चिप लगा हुआ है, जिसे बिजली विभाग के अधिकारी गण अपने चेंबर में बैठे-बैठे रिमोट से कंट्रोल करते हैं । और आए दिन लोगों के घरों की समस्याएं बढ़ रही हैं। यह स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का खून चूसने वाला मीटर बन चुका है। ग्राहकों ने पूरा बिजली का बिल दिया हुआ है फिर भी एडवांस बुकिंग के नाम पर उनके पैसे ब्लॉक कर रहे हैं । और यदि वह पैसे नहीं दे रहे हैं तो उनके घरों की बिजली काट दी जा रही है। इस धोखाधड़ी का विरोध करते हुए श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह गहरबार ने कहा है कि यदि सरकार ग्राहकों के घरों पर लगाए तमाम स्मार्ट मीटर को वापस उतार कर पुराने जेनुइन मीटर नहीं स्थापित करता है तो स्मार्ट मीटर की धोखाधड़ी के खिलाफ एक बहुत विशाल जन आंदोलन किया जाएगा , जिसकी सारी जिम्मेदारी बिजली विभाग की एवं प्रशासन की होगी। दिलीप सिंह गहरवार ने कहा कि उपभोक्ता पूरा बिल देने के बावजूद अंधेरे में पड़ा है । पैसा भर रहा है लेकिन वह एडवांस और रिजर्व के नाम पर जमा कर लिया जा रहा है । बिजली का बिल पूरा होने के बावजूद घरों की बिजली कनेक्शन काट दी जा रही है । और यह कार्य सीढ़ी लगाकर मजदूर नहीं कर रहे हैं जिनसे बात किया जा सके, ग्राहकों को बिना जानकारी दिए ऑफिस में ऐसी में बैठे हुए बिजली विभाग के कतिपय अधिकारी गण मीटर में लगे चिप से अपने रिमोट से बिजली कनेक्शन को बंद कर दे रहे हैं। गर्मी की ऐसी जलन स्थिति में जहां परिवार बच्चे गर्मी से बिल बिला रहे हैं पानी से बिल बिला रहे हैं, और बिजली विभाग अपने नाटक पर उतारू है यह कतई बर्दाश्त नहीं होगा । स्मार्ट मीटर लगाने से उत्तर प्रदेश में 3:30 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं जिनके पास रोजी-रोटी की समस्या रहने के बावजूद इस समय बिल भरने में अक्षम साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा है कि तत्काल बिजली विभाग इसका संज्ञान लेकर जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश शासन इसका संज्ञान लेकर बिजली की स्मार्ट मित्रों को तत्काल उतरवा कर ग्राहकों को जेनुइन मीटर लगाकर उनसे जो भी उनका यूनिट आता है वह बिल ले और इसके लिए ग्राहक सहर्ष तैयार भी हैं । उन्हें स्मार्ट मीटर के नाम पर उनका उत्पीड़न ना किया जाए। यदि इस समस्या का समाधान सरकार समय रहते नहीं करती है तो उत्तर प्रदेश में इसको लेकर बड़ा आंदोलन होगा ,और जनता सड़कों पर आ जाएगी। इसको संभालना सरकार के लिए मुश्किल हो जाएगा।







