KAUSHAMBI NEWS: संयुक्त समायोजित शिक्षक संघ के तत्वावधान में शुक्रवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी एवं प्रांतीय अधिवेशन में उपमुख्यमंत्री ने शिक्षा मित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षकों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र न लिए जाने वाले 29 जनपदों के मामलों को वह गंभीरता से लेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वी.के. सिंह ने की। इस दौरान फूलपुर सांसद ने मंच से बताया कि प्रदेश के 46 जनपदों में ऐसे शिक्षकों से पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र लिए जा चुके हैं, जबकि 29 जनपदों में अभी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इस पर उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले और वर्तमान समय की बेसिक शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों का मानदेय 3500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाने के साथ ही सरकार ने उन्हें पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि पहले प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को खाकी वर्दी दी जाती थी, जिससे उनमें हीन भावना का भाव विकसित होता था, जबकि अब शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए गए हैं। उन्होंने शिक्षकों से प्राप्त मांगपत्र पर विचार करने का आश्वासन देते हुए कहा कि इसे संबंधित बैठकों में रखा जाएगा और यथासंभव समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में शिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर शिक्षिकाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि शिक्षा मित्र से सहायक अध्यापक बने वे शिक्षक, जिनकी नियुक्ति संबंधी विज्ञप्ति 28 मार्च 2005 से पूर्व की है, माध्यमिक शिक्षा विभाग के उन विषय विशेषज्ञों की तर्ज पर पुरानी पेंशन की मांग कर रहे हैं, जिन्हें पूर्व में संविदा पर नियुक्त कर वर्ष 2007 में नियमित किया गया था।
कार्यक्रम में फाफामऊ विधायक गुरु प्रसाद मौर्य, फूलपुर विधायक दीपक पटेल, विधान परिषद सदस्य डॉ. के.पी. श्रीवास्तव, विश्व हिंदू परिषद काशी प्रांत के पूर्णकालिक कार्यकर्ता मोहनलाल पटेल, संयुक्त समायोजित शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह सहित विभिन्न जनपदों से आए हजारों शिक्षक उपस्थित रहे।
कौशांबी जनपद से जिला अध्यक्ष रमेश चंद्र सेन, मंडल अध्यक्ष प्रयागराज, रत्नाकर सिंह, बृजेश पांडेय, भीम प्रकाश, पवन कुमार गर्ग, अनुज शुक्ला, कमल यादव, राज कपूर सेन, जंग बहादुर, घनश्याम सिंह, अजय सिंह, मोहम्मद कैफी, रईस अहमद, रऊफ अहमद, सत्यदेव पाल, आलोक द्विवेदी, शिवशंकर यादव, राजेंद्र कुमार यादव, नागेश्वर सिंह, राममिलन यादव, आशीष त्रिपाठी, दिलीप सिंह, रामचंद्र हरिजन, संदीप कुमार पांडेय, प्रमोद कुमार मिश्रा समेत बड़ी संख्या में शिक्षा मित्र से सहायक अध्यापक बने शिक्षक मौजूद रहे।







