Home उत्तर प्रदेश संविधान में न्याय,स्वतंत्रता और समानता का संगम-सिविल जज शांभवी

संविधान में न्याय,स्वतंत्रता और समानता का संगम-सिविल जज शांभवी

अधिवक्ता परिषद ने बाबा साहब की जयंती के उपलक्ष्य में किया संगोष्ठी
PRATAPGARH NEWS:  बंधुत्व की भावना के बिना न्याय, स्वतंत्रता और समानता का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता।बाबा साहेब ने बंधुत्व को सामाजिक जीवन में एकता और एकजुटता का आधार माना था।उक्त उद्गार शनिवार को जिला बार के सभागार में बाबा साहब डॉ भीमराव रामजी अम्बेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में अधिवक्ता परिषद अवध प्रतापगढ़ ईकाई द्वारा आयोजित न्याय स्वतंत्रता और समानता को प्राप्त करने में बंधुत्व का महत्व पर संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए सिविल जज सीनियर डिवीजन/ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शांभवी द्वितीय ने कही। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में न्याय,स्वतंत्रता,समानता और बंधुत्व का ‘संवैधानिक त्रिमूर्ति’ के रूप में समावेश है। कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर व मां भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित व माल्यार्पण एवं वंदेमातरम से किया गया। तदुपरांत परिषद के पदाधिकारियों ने अतिथियों को प्रतीक चिन्ह,अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर स्वागत सम्मान किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद जिला बार के महामंत्री रवीन्द्र सिंह ने बाबा साहेब को श्रद्धासुमन अर्पित  करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने कमजोर वर्ग के उत्थान व कल्याण के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।इस मौके पर बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल डीजीसी सिविल राम केवल वर्मा ने कहा कि भारतीय संविधान के शिल्पी,भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन और संघर्ष आज भी एक न्यायपूर्ण, समान और सशक्त भारत के निर्माण की सबसे मजबूत प्रेरणा है। इस मौके पर परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य किरन बाला सिंह, मंत्री रुप नारायण सरोज, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक सिंह सहित आदि ने अपने- अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष मनोज सिंह ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा और सम्मान का वह मार्ग दिखाया, जिसने असमानता की जड़ों को चुनौती दी। कार्यक्रम का संचालन कर रहे अधिवक्ता परिषद के महामंत्री शिवेश कुमार शुक्ल ने भी ज्ञान संघर्ष और दृढ़ संकल्प से समाज में समानता और न्याय की नींव रखने वाले महान व्यक्तित्व बाबा साहब को नमन किया। अंत में दीवानी न्यायालय के कर्मचारी संतोष, सुभाष, वीरेंद्र व विजय को अतिथियों द्वारा अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।तदुपरांत राष्ट्रगान के साथ ही कार्यक्रम का समापन किया गया। इस मौके पर प्रमुख रूप से कोषाध्यक्ष भरत लाल वैश्य, मंत्री विनीत शुक्ल, उदित गिरी, दीपू सिंह, ममता पाण्डेय, परमानंद मिश्र, उपाध्यक्ष जया शर्मा, आशीष सिंह, पंकज चौधरी, अभिनव सिंह, विशेष लोक अभियोजक पाक्सो निर्भय सिंह, रामकृष्ण मिश्र, अशोक, अतुल सिंह, विनोद शर्मा, राजकुमार, रमेश सहित सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।