उक्त कालीन पर उकेरा गया था लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज का नाम और लोगो
BHADOHI NEWS: लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज के बीकाम अंतिम वर्ष के छात्र शारिक ओबैदुल्ला ने अपने सहपाठियों के साथ कालीन पर उकेरे गए कॉलेज का नाम और लोगो वाले उत्कृष्ट कार्पेट को महाविद्यालय की हेड ऑफ द कॉमर्स डिपार्टमेंट डॉ.ईशा वी लाल को भेंट किया। इस दौरान भदोही के शारिक ओबैदुल्ला, काशान अरशद, हस्सान वाजिद, ओबैद अंसारी व यूसूफ अंसारी लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज में बीकाम की शिक्षा ले रहे थे। इस साल उनका अंतिम वर्ष था। ऐसे में महाविद्यालय छोड़ने से पूर्व उन्होंने भदोही के कालीन को बतौर यादगार के रुप में भेंट किया। कॉलेज की हेड ऑफ द कॉमर्स डिपार्टमेंट डॉ.ईशा वी लाल ने कालीन ग्रहण कर भदोही के बुनकरों के कला की सराहना की। इस दौरान शारिक ओबैदुल्ला ने उन्हें बताया कि भदोही को औद्योगिक कालीन नगरी के नाम से जाना जाता है। भदोही की बनी कालीनें सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विश्व के तमाम देशों में प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि भदोही के बुनकर पीढ़ी दर पीढ़ी से ऊन की कताई, रंगाई और करघे पर जटिल डिजाइनों की बुनाई करते हैं। मुगल काल से चली आ रही यह कला भदोही के लोगों की संस्कृति में रची-बसी है। जनपद के 90 फीसदी लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस कारोबार में जुड़े हुए हैं। यह उद्योग उन्हें रोजगार उपलब्ध करा रहा है। श्री शारिक ने बताया कि कालीन की घरेलू खपत मात्र दो फीसदी ही है। जबकि 98 उत्पादन दुनियाभर के देशों में निर्यात किए जाते हैं। भारत से सालाना निर्यात होने वाले कालीनों का 60 फीसदी भागीदारी भदोही की है। इस मौके पर अभिषेक सिंह यादव, अभिषेक गुप्ता, पंकज कुमार गुप्ता, प्रवीण गुप्ता, रोहन बेंजामिन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।







