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शक में पति ने मारी पत्नी को गोली, फिर खुद को भी गोली मारकर खत्म की जीवनलीला

आला पुलिस अधिकारियों के साथ स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची पड़ोसी से बातचीत करने के शक में पत्नी को मारी गोली

FATEHPUR NEWS: जनपद के गाजीपुर थाना क्षेत्र में पति ने पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। रविवार तड़के 3 बजे पति कमरे में गया। सो रही पत्नी के मुंह पर तकिया रखा और तमंचा सटाकर गोली मारकर हत्या कर दी। पत्नी की हत्या के बाद पति ने खुद को भी गोली मारकर अपनी भी जीवनलीला समाप्त कर ली। रविवार सुबह जब कमरे में 8 महीने की बच्ची के लगातार रोने की आवाज सुनकर परिजन पहुंचे तो देखा कि एक तख्त पर दोनों के शव खून से लथपथ पड़े थे। घटना गाजीपुर थाना क्षेत्र की है। परिजनों ने बताया कि पत्नी के अवैध संबंधों के चलते दोनों के बीच पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा था। अक्सर मारपीट होती थी। 8 दिन पहले पति ने पत्नी को गांव के किसी युवक से बात करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया था। घटना कि बात करें तो गाजीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लम्हेटा गांव के मुकेश निषाद (28 वर्ष) की 6 साल पहले हमीरपुर के जमुना घाट की गुड़िया देवी (26 वर्ष) से शादी हुई थी। दोनों की तीन बेटियां हैं। मुकेश दिल्ली में परिवार समेत रहता था। वहां वह पेंटिंग का काम करता था। पिता लाखन निषाद ने बताया कि मुकेश अपनी शादी के कुछ दिन बाद से ही पत्नी की चाल-चलन पर शक करता था। शादी के बाद से ही वह कहने लगा कि गुड़िया की चाल-चलन ठीक नहीं है। इसको लेकर दोनों के बीच आए दिन झगड़ा हुआ करता था। करीब डेढ़ महीना पहले ही दिल्ली से अपना काम-धंधा समेट कर मुकेश परिवार के साथ वापस गांव आ गया था। लाखन ने आगे बताया कि रविवार सुबह 5 बजे मुकेश की मासूम बच्ची की रोने की आवाज सुनी। 8 महीने की बच्ची लगातार रोए जा रही थी। वह बेटे के कमरे के पास गए और दरवाजा खटखटाने लगे। लेकिन दरवाजा नहीं खुला। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। बेटे-बहू की लाश तख्त पर पड़ी थी। पास ही 8 माह की बेटी रो रही थी। पूरा बिस्तर खून से सना हुआ था। बहू का शव पीठ के बल था तो बेटे का पेट के बल पड़ा हुआ था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे से तमंचा बरामद किया। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। लाखन ने बताया कि मैं रात में खाना खाने के बाद घर के बाहर पशु बाड़े के पास सोने चला गया था। रात में गोली चलने की कोई आवाज नहीं सुनी। पड़ोसियों ने भी कोई आवाज नहीं सुनी। कमरे में कूलर चल रहा था। मुकेश ने मुंह पर तकिया रख दिया था। शायद इसी में गोली की आवाज दब गई। आगे बताया कि गुड़िया का गांव के ही एक युवक से संबंध होने का शक उसके बेटे को था। इसी के चलते मुकेश कामकाज छोड़कर दिल्ली से गांव आ गया था, 8 दिन पहले उसने गुड़िया को फोन पर आपत्तिजनक बात करते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। दोनों में काफी मारपीट व विवाद हुआ था। मुकेश के पिता लाखन ने दो शादियां की थी। पहली पत्नी धानू की 30 साल पहले मौत हो गई थी। धानू से एक बेटी कुसुमा है, जिसकी पड़ोसी गांव में शादी हुई है। बेटा मुखलाल भी गांव में रहता है। दूसरी पत्नी सावित्री देवी से 3 बेटे हैं। मुकेश सबसे बड़ा था। बाकी दो बेटे राकेश और नरेश मुंबई में रहकर मजदूरी करते हैं। मुकेश की तीन बेटियां दिव्यांशी 5 वर्ष, प्रियांशी 3.5 वर्ष और तीसरी 8 माह की है। माता-पिता की मौत के बाद अब तीनों अनाथ हो गई हैं। अब बच्चों के लालन – पालन की जिम्मेदारी दादा लाखन पर आ गई है। मर्डर की सूचना के बाद एसपी अनूप कुमार सिंह और एडिशनल एसपी महेंद्र पाल सिंह भी घटनास्थल पर पहुंच गए। एसपी ने कहा कि हत्या की वजहों की पड़ताल की जा रही है। थानाध्यक्ष हनुमान प्रताप सिंह सूर्यवंशी ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पड़ोसी युवक से पूछताछ की जाएगी।