Home उत्तर प्रदेश लाइसेंस शुल्क के खिलाफ आक्रोशित व्यापारियों ने नगर निगम पर दिया धरना

लाइसेंस शुल्क के खिलाफ आक्रोशित व्यापारियों ने नगर निगम पर दिया धरना

LUCKNOW NEWS: लखनऊ व्यापार मण्डल के तत्वावधान में नगर-निगम द्वारा प्रस्तावित नये ट्रेडों पर लाइसेंस शुल्क लगाए जाने के विरोध में आज नगर-निगम मुख्यालय, लालबाग में एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए लखनऊ व्यापार मण्डल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि व्यापारी वर्ग पहले से ही अत्यधिक कमर्शियल टैक्स का भार वहन कर रहा है। दुकानों पर हाउस टैक्स अदा करने के साथ-साथ, जल एवं सीवर की सुविधा उपलब्ध न होने के बावजूद, व्यापारियों से अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत जल एवं सीवर टैक्स भी वसूला जा रहा है, जबकि इसके बदले किसी भी प्रकार की बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों—अमीनाबाद, रकाबगंज पुल से सब्जी मंडी मार्ग, आलमबाग, बुद्धेश्वर, बालागंज, नक्खास, अकबरी गेट सहित अनेक बाजारों में अतिक्रमण, अव्यवस्थित यातायात, पार्किंग की कमी, गंदगी तथा पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। ऐसी परिस्थितियों में नए लाइसेंस शुल्क लगाना पूर्णतः अन्यायपूर्ण, अव्यावहारिक एवं व्यापारी विरोधी कदम है। मिश्र ने बताया कि इससे पूर्व दिनांक 5 सितम्बर 2024 को नगर-निगम द्वारा 21 नए ट्रेडों पर लाइसेंस शुल्क लगाए जाने का प्रस्ताव लाया गया था, जिसे सांसद  राजनाथ सिंह एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के हस्तक्षेप के उपरांत दिनांक 13 सितम्बर 2024 को नगर-निगम की कार्यकारिणी द्वारा निरस्त कर दिया गया था। इस निर्णय की पुष्टि 14 सितम्बर 2024 को समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुई थी। जब एक बार कार्यकारिणी द्वारा प्रस्ताव निरस्त किया जा चुका है, तो उसे पुनः लाया जाना अधिकारियों की हठधर्मिता एवं व्यापारी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। धरने को संबोधित करते हुए चेयरमैन राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा, कोषाध्यक्ष देवेन्द्र गुप्ता, महामंत्री अनुराग मिश्र, उमेश शर्मा, जितेन्द्र सिंह चौहान, युवा अध्यक्ष मनीष गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि जब व्यापारी जल एवं सीवर सुविधाओं का उपयोग ही नहीं करता, तो उससे यह कर वसूलना पूरी तरह अनुचित है। सरकार को अधिनियम में संशोधन कर इस विसंगति को दूर करना चाहिए। व्यापारी वर्ग पहले ही महँगाई, ऑनलाइन ट्रेडिंग और घटती बिक्री से जूझ रहा है, ऐसे में नगर-निगम का यह निर्णय बचे-खुचे व्यापार को समाप्त करने का प्रयास है।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि नगर-निगम द्वारा यह प्रस्ताव शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो व्यापारी समाज शहरव्यापी एवं उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा। धरना स्थल पर महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने पहुँचकर व्यापारियों की समस्याएँ सुनीं। इस अवसर पर अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र द्वारा ज्ञापन पढ़कर सुनाया गया। महापौर ने व्यापारी समाज एवं लखनऊ व्यापार मण्डल को आश्वस्त किया कि कोई भी नया लाइसेंस शुल्क लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर अधिकारियों द्वारा पार्टी को बदनाम करने की साजिश थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी तथा आपात बैठक बुलाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में व्यापारियों का किसी प्रकार का उत्पीड़न न हो। महापौर के इस आश्वासन पर उपस्थित व्यापारियों ने तालियाँ बजाकर स्वागत किया। राजेन्द्र कुमार अग्रवाल, अमरनाथ मिश्र, पवन मनोचा, देवेन्द्र गुप्ता, अनुराग मिश्र, उमेश शर्मा, जितेन्द्र सिंह चौहान,  मनीष वर्मा,  शशी शुक्ला सतीश अग्रवाल, अनिल बजाज विनोद माहेश्वरी  विनोद अग्रवाल, रविन्द्र गुप्ता, संजीव अग्रवाल,विनोद पंजाबी, नीरज जौहर,  अरविंद पाठक रामकुमार वर्मा बब्बू हसीब रमेश मिश्र लल्लन यादव, पिन्दू गुप्ता, रिजवान, नीरज गुप्ता कुश मिश्र, नजमी, कपिल नरेश राजू शुक्ला एवं प्रशान्त गर्ग अनस शमसी विशाल गुप्ता नवीन गुप्ता सतीश शर्मा सुरेश कुमार नितिन जैन मनीष वर्मा बन्नू राकेश अग्रवाल राजीव अतुल त्रिपाठी अग्रवाल इमरान कुरैशी राजेश अग्रवाल राजकुमार अग्रवाल मनोज वर्मा नीरज गुप्ता शेर सिंह दीपक सहगल आरिफ खा विशाल कोहली राजू शुक्ला रविश गुप्ता दीपक सहगल सुशील तिवारी अखिलेश अवस्थी चन्द्र प्रकाश चंद्र शर्मा सुरेंद्र शर्मा मुकेश महाजन कुश अरोड़ा कपिल अरोड़ा रविंद्र यादव सफीकुर रहमान सनी लालवानी राजू बाजपेई मनोज अग्रवाल सीताराम अग्रवाल गोपाल गुप्ता जगजीत सिंह नसीम अंसारी गोपाल अग्रवाल संजय रस्तोगीउत्तम कपूर राजेंद्र सिंह दुआ मंजीत सिंह दुआ इंद्रजीत सिंह दुआ रामशंकर वर्मा रमा शंकर सुरेश कुमारी जितेंद्र प्रसाद कनोजिया रजनीश खरे अजित वर्मा अजय तिक्खा सुशील निगम असित अग्रवाल सचिन कंछल विनय गुप्ता रामप्रकाश गुप्ता सतीश मिश्रा अभिषेक यादव राजकुमार विश्वकर्मा परीक्षित गुप्ता अनिल वर्मा शिवा यादव सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।