Home उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बच्चों को खिलाई गई एल्बेंडाजोल की दवा

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बच्चों को खिलाई गई एल्बेंडाजोल की दवा

1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को किया जाएगा आच्छादित, 14 अगस्त को मॉप-अप राउंड में छूटे बच्चों को मिलेगी दवा
FATEHPUR NEWS: राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर सोमवार को फतेहपुर में विशेष अभियान का शुभारंभ मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. यू.बी. सिंह ने कंपोजिट विद्यालय खेलदार सदर में बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर किया। इस दौरान उन्होंने जनपद के 01 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने की अपील की। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने से कृमि संक्रमण में कमी लाने के साथ ही उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शहाबुद्दीन ने बच्चों में कृमि संक्रमण फैलने के कारणों और इसके लक्षणों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। एनडीडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेश ने बच्चों को एल्बेंडाजोल खिलाने की विधि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 01-02 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को आधी गोली (200 एमजी) चूरा करके पानी के साथ, जबकि 02-03 वर्ष के बच्चों को पूरी गोली (400 एमजी) चूरा करके पानी के साथ तथा 03 से 19 वर्ष के बच्चों को पूरी 400 एमजी की गोली चबाकर पानी के साथ खिलाई जाएगी। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 01 से 06 वर्ष तथा 06 से 19 वर्ष तक के स्कूल न जाने वाले बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं आशाओं के माध्यम से दवा खिलाई जाएगी। वहीं 06 से 19 वर्ष (कक्षा 01 से 12 तक) के छात्र-छात्राओं को सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों में शिक्षकों के माध्यम से एल्बेंडाजोल की दवा दी जाएगी। जनपद में अभियान के तहत कुल 12,01,029 बच्चों, 3,846 विद्यालयों तथा 2,940 आंगनबाड़ी केंद्रों को लक्ष्य बनाया गया है। कार्यक्रम के दौरान जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक धीरेन्द्र कुमार वर्मा, जिला प्रबंधक आरबीएसके विजय सिंह एवं मंडल समन्वयक ई. ए. शुभम रस्तोगी ने भी अभियान की जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जो बच्चे 10 अगस्त को किसी कारणवश दवा नहीं खा पाएंगे, उन्हें 14 अगस्त 2026 को आयोजित मॉप-अप राउंड के दौरान एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। इससे अभियान के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार अधिक से अधिक बच्चों को कृमिनाशक दवा का लाभ मिल सकेगा।