Home उत्तर प्रदेश मोहर्रम की दसवीं पर खागा में पारंपरिक अखाड़े का हुआ भव्य शुभारंभ

मोहर्रम की दसवीं पर खागा में पारंपरिक अखाड़े का हुआ भव्य शुभारंभ

व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री प्रकाश पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार मुन्ना राईन व खागा कोतवाल ने फीता काटकर किया उद्घाटन

उस्ताद पुच्ची पहलवान ने जताया आभार, बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, व्यापारी व नागरिक रहे मौजूद
FATEHPUR NEWS: मोहर्रम की 10वीं (यौमे आशूरा) के अवसर पर खागा कस्बे में आयोजित पारंपरिक अखाड़े का शुभारंभ बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। अखाड़े का उद्घाटन व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री प्रकाश पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार मुन्ना राईन तथा खागा कोतवाल ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। उद्घाटन के साथ ही अखाड़े में पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन शुरू हुआ, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। मोहर्रम के अवसर पर आयोजित इस अखाड़े में युवाओं ने अपने हुनर, अनुशासन और पारंपरिक युद्धक कलाओं का प्रदर्शन किया। तलवारबाजी, लाठी, बनैठी एवं अन्य पारंपरिक खेलों के प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था के साथ-साथ गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की झलक देखने को मिली। अखाड़े के उस्ताद पुच्ची पहलवान ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मोहर्रम का यह आयोजन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और अनुशासन का संदेश देने वाला आयोजन है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामतीरथ परमहंस, रत्नेश रत्ना, सपा नगर अध्यक्ष शिवसिंह यादव एडवोकेट, वरिष्ठ कांग्रेस नेता कलीम उल्लाह, असगर फारुकी सहित समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के कई नेता मौजूद रहे। इसके अलावा व्यापार मंडल के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, व्यापारी एवं बड़ी संख्या में कस्बे के नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। खागा कोतवाली पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा कर्मी भी पूरे समय मुस्तैद रहे, जिससे अखाड़े का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। मोहर्रम की 10वीं पर आयोजित इस अखाड़े ने पारंपरिक संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द की सुंदर मिसाल पेश की।