Home उत्तर प्रदेश मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत गम्भीरा पूरब का किया स्थलीय निरीक्षण

मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत गम्भीरा पूरब का किया स्थलीय निरीक्षण

KAUSHAMBI NEWS: मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी ने आज विकास खण्ड सिराथू की ग्राम पंचायत गम्भीरा पूरब का स्थलीय निरीक्षण किया।  मुख्य विकास अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान जल जीवन मिशन योजनान्तर्गत निर्मित पानी की टंकी एवं उससे संचालित पेयजल व्यवस्था का गहन अवलोकन किया। मौके पर उपस्थित उपस्थित ग्रामवासियों द्वारा अवगत कराया गया कि पानी की टंकी भरने में लगभग 07 घण्टे का समय लग जाता है, जिसके कारण ग्राम के लगभग 40 प्रतिशत घरों तक नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। कम प्रेशर एवं विलम्ब से टंकी भरने के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे दैनिक उपयोग में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अभियंता,जल निगम को निर्देश दिए कि पानी की सप्लाईलाइन एवं प्रेशर की तत्काल तकनीकी जांच कराकर समस्या का निराकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे प्रत्येक घर तक सुचारु रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके।  मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत स्थित मॉडल तालाब के निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी सिराथू, सहायक विकास अधिकारी (पं.) को निर्देशित किया कि तालाब की विधिवत पैमाइश कराकर वास्तविक क्षेत्रफल निर्धारित कराया जाए, इसके साथ ही तालाब को शासन की गंशा के अनुरूप विकसित करते हुए इसे एक आदर्श मॉडल तालाब के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने तालाब के सौन्दर्गीकरण, साफ-सफाई एवं जल संरक्षण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराने के भी निर्देश दिए. मौके पर ग्रामवासियों ने अवगत कराया कि नारा माइनर के अंतिम छोर तक सिंचाई के लिए पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे किसानों को कृषि कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है,जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता, सिंचाई को निर्देशित किया कि माइनर की तत्काल जांच कराते हुए आवश्यक मरम्मत एवं सफाई कार्य कराया जाए तथा एक सप्ताह के भीतर हेड टू टेल तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए, जिससे किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके। अभी तक टेल तक पानी न पहुँचने के फलस्वरूप सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता, जल निगम, जिला पंचायतराज अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी सिराथू, सहायक विकास अधिकारी एवं सहायक अभियंता लघु सिंचाई उपस्थित रहे।