अधिवक्ता मंच ने हमलावर राकेश किशोर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्यवाही करने की मांग की
PRAYAGRAJ NEWS: अधिवक्ताओं ने देश के मुख्य न्यायाधीश के ऊपर जूता फेंकने की कोशिश के खिलाफ मंगलवार को हाई कोर्ट के सामने स्थित भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष आक्रोश प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने सोमवार को देश के मुख्य न्यायाधीश की अदालत में हुए हमले की घटना पर गहरा क्षोभ व्यक्त करते हुए इसे देश की न्याय पालिका की स्वतंत्रता, लोकतंत्र, संविधान और कानून के शासन के ऊपर हमला बताया। इस दौरान हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ये कोई अचानक घटी घटना नहीं है, बल्कि पूरे होश में पूरी प्लानिंग के साथ की गई आपराधिक घटना है, जो लंबे समय से अदालत और मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ फैलाई जा रही नफरत का परिणाम है, जिसे सत्ता की ओर से पूरा समर्थन मिलता रहा है। ज्ञात हो कि पिछले दिनों पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और भाजपा सांसद निशिकांत ने न्यायपालिका पर गंभीर हमला किया था किंतु इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई और इसी से उत्साहित सांप्रदायिक उन्माद फैलानेवाली सोशल मीडिया मशीनरी और सत्ता समर्थक कथावाचकों ने न्यायपालिका के खिलाफ घटिया आक्रमण किया फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। इस घटना से जहां निष्पक्ष न्यायपालिका की अवधारणा को गहरा आघात लगा है तो वहीं संविधान और कानून के राज पर विश्वास करनेवाले नागरिक सदमे में हैं। यह घटना लंबे समय से फैलाई जा रही नफरत, जातीय अहम और सांप्रदायिक उन्माद का परिणाम है। यह घटना किसी व्यक्ति पर नहीं बल्कि पूरी संस्था और संवैधानिक लोकतंत्र पर हमला है इसलिए इसे गंभीरता से लेते हुए कठोर कार्यवाही किए जाने की जरूरत है।सभा को अधिवक्ता रमेश कुमार, बी एम सिंह, अनिल वर्मा, राय साहेब यादव, पंकज राय, वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश प्रसाद कृष्णकांत बौद्ध, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष हाई कोर्ट बार एसोसिएशन जमील अहमद आज़मी तथा पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष इविवि वी वरिष्ठ अधिवक्ता के0के राय ने संबोधित किया। संचालन अधिवक्ता मंच के संयोजक राजवेंद्र सिंह ने किया। सभा के बाद सर्व सम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि यदि कल तक आक्रमणकारी राकेश किशोर के खिलाफ अपराधिक कार्यवाही नहीं शुरू होती तो अधिवक्ता कल सिविल लाइंस थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराएंगे। इस दौरान पूर्व उपाध्यक्ष hcba धर्मेंद्र यादव, रविन्द्र सिंह, पूर्व कोषाध्यक्ष वैजयंत मिश्रा, असीम राय, विश्वविजय, राकेश कुमार यादव, लवलेश वर्मा, विनोद कुमार, रमेश यादव, सतविंदर आजाद, पुष्पराज, हीरालाल, हृदयलाल मौर्य, प्रदुम्न, सौरभ, अखिलेश तिवारी, अवधेश राय, बुद्ध प्रकाश, राजीव कुमार, सह संयोजक सईद सिद्दिकी, प्रमोद कुमार गुप्ता, विकास मौर्य, घनश्याम मौर्य, सोनू यादव, रियाजउद्दीन अंसारी, पीके सिंह विशेन, कपिलदेव यादव, संतोष तिवारी, कोषाध्यक्ष बोर्ड ऑफ रेवेन्यू बार एसोसिएशन, सुरेंद्र प्रसाद, जैनुल आब्दीन, जेपी राव, जावेद आलम, राजेश श्रीवास्तव, प्यारे मोहन, राजेश त्रिपाठी, वीरेंद्र यादव, दरबारी लाल, राजकुमार, सुमित कुमार सहित सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित रहे।







