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मातृ दिवस पर सेवा और सम्मान का संगम, वृद्ध माताओं के चेहरे पर बिखरी मुस्कान

माताओं की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म : रवि शर्मा
जहां माँ का सम्मान, वहीं समाज का उत्थान : दिलीप पांडेय
JHANSI NEWS: “सेवा ही संकल्प, समाज ही हमारा लक्ष्य” की भावना को साकार करते हुए मातृ दिवस के पावन अवसर पर आईटीआई स्थित वृद्धा आश्रय गृह में एक भावपूर्ण एवं सेवा समर्पित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वृद्धाश्रम में निवास कर रही माताओं को साड़ी भेंट कर उनका सम्मान किया गया तथा फल वितरण कर उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सदर विधायक रवि शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन विधायक सेवार्थ रथ के संचालक एवं राष्ट्रीय परशुराम परिषद् के प्रदेश उपाध्यक्ष दिलीप पांडेय के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मातृशक्ति के सम्मान एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के साथ हुआ। उपस्थित अतिथियों ने वृद्धाश्रम में रह रही माताओं से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उन्हें सम्मानपूर्वक साड़ी भेंट की। इसके बाद फल वितरण कर माताओं के स्वास्थ्य एवं प्रसन्नता की कामना की गई। इस दौरान वृद्धाश्रम का वातावरण भावुक एवं आत्मीयता से भरा दिखाई दिया। कई माताओं ने अपने अनुभव साझा किए और आयोजकों को आशीर्वाद प्रदान किया।
मुख्य अतिथि विधायक रवि शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि माँ केवल एक शब्द नहीं बल्कि त्याग, ममता, संस्कार और समर्पण की प्रतिमूर्ति होती है। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक पहचान उसके बुजुर्गों और मातृशक्ति के सम्मान से होती है। मातृ दिवस पर वृद्धाश्रम में आकर माताओं का सम्मान करना अत्यंत पुण्य एवं प्रेरणादायक कार्य है। उन्होंने सेवार्थ रथ द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि दिलीप पांडेय एवं उनकी टीम समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर सराहनीय कार्य कर रही है, जो अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का विषय है। विधायक रवि शर्मा ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बुजुर्गों को समय, सम्मान और अपनापन देना सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने माता-पिता एवं बुजुर्गों का सम्मान करें और उनके अनुभवों से सीख लेकर समाज को बेहतर दिशा देने का कार्य करें। वहीं विधायक सेवार्थ रथ के संचालक दिलीप पांडेय ने कहा कि मातृ दिवस का वास्तविक उद्देश्य केवल शुभकामनाएं देना नहीं बल्कि माताओं के प्रति अपने कर्तव्यों एवं संवेदनाओं को समझना है। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम में रहने वाली माताएं भी समाज और परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं तथा उनके चेहरे पर मुस्कान लाना ही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि सेवा ही जीवन का सबसे बड़ा धर्म है और सेवार्थ रथ निरंतर समाजहित में विभिन्न सेवा कार्य करता रहेगा। उन्होंने सभी माताओं का आशीर्वाद प्राप्त कर उनके सुखद, स्वस्थ एवं सम्मानपूर्ण जीवन की कामना की। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने मातृशक्ति के सम्मान का संकल्प लिया तथा बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता एवं सेवा भावना को समाज में बढ़ाने का संदेश दिया। आयोजन के अंत में सभी माताओं ने आयोजकों एवं अतिथियों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान ऋषभ झा, धर्मेंद्र कुशवाहा, आनंद सोनी, आसराम शर्मा, आकाश द्विवेदी, राजेश कुशवाहा विनोद राजपूत आदि लोग मौजूद रहे.