JAUNPUR NEWS: संत निरंकारी मिशन के जोन संख्या-63 अंतर्गत शाखा पट्टी नरेंद्रपुर (बरबसपुर) में मंगलवार को महिला सत्संग का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। गुरैनी-जासोपुर चकिया से पधारीं महात्मा सोनी ने साध-संगत को संबोधित करते हुए सद्गुरु के ज्ञान, मानवता, नारी शक्ति और अहंकार त्याग के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में निरंकारी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। महात्मा सोनी ने कहा कि सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ब्रह्मज्ञान के माध्यम से संपूर्ण विश्व में मानवता, प्रेम और भाईचारे का संदेश दे रही हैं। उन्होंने कहा कि निरंकारी मिशन का उद्देश्य मनुष्य को उसकी वास्तविक पहचान कराकर उसे श्रेष्ठ इंसान बनाना है। मन में सद्भाव, प्रेम और त्याग का भाव ही जीवन को सार्थक बनाता है। सृष्टि के सृजनहार की अनुभूति ब्रह्मज्ञान से ही संभव है और उसी के माध्यम से मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि महिला सत्संग का उद्देश्य महिलाओं को उनकी आध्यात्मिक शक्ति और सामाजिक दायित्वों का बोध कराना है। जब जीवन में भक्ति का संचार होता है तो मानवता, सेवा और सदाचार स्वतः विकसित होने लगते हैं। अहंकार को सबसे बड़ी आध्यात्मिक बाधा बताते हुए उन्होंने कहा कि यही विनाश का मूल कारण है, जबकि विनम्रता व्यक्ति को ईश्वर और समाज दोनों से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि संत महापुरुष समाज के लिए दर्पण का कार्य करते हैं और अपने आचरण से जीवन जीने की सही दिशा प्रदान करते हैं। निंदा को विष के समान बताते हुए उन्होंने सभी से प्रेम, सद्भाव और सकारात्मक सोच अपनाने का आह्वान किया। महात्मा रामजी गुप्ता ने कहा कि सद्गुरु अज्ञान का पर्दा हटाकर दिव्य दृष्टि प्रदान करते हैं, जिससे परमात्मा का साक्षात्कार संभव होता है। ब्रह्मज्ञान मनुष्य को सत्य का मार्ग दिखाकर उसे जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ता है और भवसागर से पार होने की प्रेरणा देता है। पूर्व प्रधानाचार्य महात्मा आरपी सिंह ने कहा कि भारतीय समाज और संस्कृति के संरक्षण में महिलाओं के त्याग, समर्पण और संस्कारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि निरंकारी मिशन महिलाओं को आध्यात्मिक चेतना से जोड़कर परिवार और समाज को सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है।
अरसिया शाखा की मुखी महात्मा बिंदा ने कहा कि सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के मार्गदर्शन में निरंकारी मिशन महिलाओं को सम्मान, आत्मविश्वास और सेवा का अवसर प्रदान कर नारी सशक्तिकरण को नई दिशा दे रहा है। कार्यक्रम के अंत में शाखा के मुखी महात्मा जयशंकर प्रसाद मौर्य ने उपस्थित साध-संगत के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर शाहगंज के मुखी अशोक प्रताप सिंह, बदलापुर के मुखी सुभाष, मल्हनी के गगन लाल, राधेश्याम प्रजापति ‘बेताब’, रामनाथ, अजय, रंजना और सुशीला सहित अन्य वक्ताओं ने भी आध्यात्मिक विचार व्यक्त किए। मंच संचालन नीरा ने किया। इस अवसर पर डॉ. वीरेंद्र प्रताप सिंह, अमरजीत, रामधनी प्रजापति, डॉ. शैल कुमार, रामनाथ प्रजापति, विद्यावती, हरिशंकर मौर्य, अद्या प्रसाद, जय हिंद, संजय प्रजापति, पारसनाथ, उषा, कमलेश सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।







