कोइलहा स्थित चंद्रशेखर सिंह पीजी आयुर्वेदिक संस्थान में आयोजित हुआ समारोह, छात्रों ने शल्यकर्म पर आधारित नाटिका प्रस्तुत की
KAUSHAMBI NEWS: चंद्रशेखर सिंह पीजी आयुर्वेदिक संस्थान, कोइलहा में बुधवार को महर्षि सुश्रुत जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रो. एस.एन. सिंह ने महर्षि सुश्रुत के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर किया। उन्होंने महर्षि सुश्रुत को शल्य चिकित्सा का जनक बताते हुए चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डाला। संस्थान के प्राचार्य प्रो. विनोद कुमार ने महर्षि सुश्रुत द्वारा प्रतिपादित शल्य चिकित्सा के सिद्धांतों व शल्यकर्म शिक्षा की वैज्ञानिक परंपरा पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक शल्य चिकित्सा की कई विधाओं की आधारशिला महर्षि सुश्रुत ने सदियों पहले रखी थी। कार्यक्रम में प्रो. छायाकांत दाश, प्रो. नागेंद्रमणि द्विवेदी, पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शुलभा पाठक व डॉ. मंदाकिनी द्विवेदी ने भी महर्षि सुश्रुत के जीवन, कार्यों और चिकित्सा विज्ञान में उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर वर्ष 2022-23 बैच के छात्र-छात्राओं ने महर्षि सुश्रुत के शल्यकर्म ज्ञान और प्राचीन चिकित्सा तकनीकों पर आधारित एक आकर्षक नाटिका प्रस्तुत की, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा। समारोह में प्रो. प्रभात कुमार तिवारी, डा. अमित सिंह सहित संस्थान के सभी शिक्षक, चिकित्सक, कर्मचारी व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन डा. अंजू यादव ने किया, जबकि संचालन स्नातकोत्तर की छात्रा डा. अंकिता पांडेय ने किया।







