JHANSI NEWS: मदरसा अल जामियातुल रज्जाकिया आस्ताना-ए- सरकार बांसा अपिया हुजूर महाराज सिंह नगर पुलिया नंबर 9 झांसी में सूफी अफराज हुसैन की जेरे निगरानी में आला हजरत उर्स- ए-मुबारक के कुल शरीफ के मौके पर बाद नमाज फज़िर कुरान ख्वानी व फातिहा का आयोजन किया गया इस मौक पर तकरीरी प्रोग्राम भी हुआ। नबी की सुन्नतों व आला हजरत के बताया रास्ते पर चलने का तरीका सिखाया। मुफ्ती इमरान, कारी जमील ने आला हजरत की हयाते जिंदगी में रौशनी डालते हुए बताया कि आला हजरत अहमद रज़ा ख़ान ने दर्शन, धर्म, नियम एवम् विज्ञान सहित कई विषयों पर लेख लिखा था। आला हजरत ने साढ़े सात घंटे में कुरान- ए- पाक के 30 पारे हिफ्ज (याद) कर लिए थे। उन्होंने बताया कि दुनिया में एक वक्त ऐसा आया कि सिक्के कम होने लगे और करंसी यानी नोटों को बढ़ावा मिलने लगा। उस समय कई बड़े आलिमों ने नोटों का प्रयोग करना हराम बता दिया था। आला हजरत ने शरीयत की रोशनी में एक किताब लिखकर करंसी (नोटों) के प्रयोग को जायज बताया था। इस दौरान सैय्यद बशारत अली, अब्दुल रहमान, आदिल, सुल्तान, सादिक, आरिफ खान, कदीम अहमद, मुहम्मद अली, संजय, आशिक, आसिफ, अरबाज, नसीम, सलीम, मौजूद रहे। निजामत कारी जमील ने की।





