PRATAPGARH NEWS: लालगंज क्षेत्र के जगन्नाथपुर में चल रही श्री शिवमहापुराण कथा में पुरूषोत्तम मास के महात्म्य का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर दिखे। कथाव्यास दण्डी स्वामी आनंदाश्रम महराज ने बताया कि पुरूषोत्तम मास में गंगा स्नान, पूजन, अनुष्ठान, दान व तप करने से कई गुना अधिक पुण्य फल की प्राप्ति होती है। कथा व्यास ने कहा कि पुरूषोत्तम मास में ही भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यप का वध किया था। क्योंकि हिरण्यकश्यप द्वारा ब्रम्हा जी से प्राप्त वरदान के अनुसार वह निर्धारित बारह माह में किसी भी दिन समय नहीं मर सकता था। जब हिरण्यकश्यप के अत्याचार बढ़ गये और उसने यह कहना शुरू कर दिया कि विष्णु का कोई भक्त धरती पर नहीं रह सकता तब श्रीहरि विष्णु जी की माया से ही हिरण्यकश्यप के पुत्र विष्णु भक्त प्रहलाद का जन्म हुआ और अपने भक्त प्रहलाद की जान बचाने के लिए भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया। कथाव्यास ने कहा कि भगवान शिव महादेव हैं उनकी आराधना से मनुष्य के सभी संताप समाप्त हो जाया करते हैं और मनुष्य के मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। भगवान शिव की निर्मल मन से की गयी उपासना सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। कथा के मुख्य यजमान कलावती देवी ने श्रद्धालुओं का स्वागत व यादवेन्द्र त्रिपाठी भोला ने आभार जताया। संचालन राघवेन्द्र त्रिपाठी ने किया। अधिवक्ता शिवेन्द्र त्रिपाठी, राधाकृष्ण त्रिपाठी ने प्रसाद वितरण कराया। इस मौके पर भूपेन्द्र तिवारी काजू, शास्त्री सौरभ त्रिपाठी, बृजेश सिंह चौहान, अवध नारायण तिवारी, रामफेर शुक्ल, पंकज पाण्डेय, भुल्लर वर्मा, राम सुफल मौर्य, अशोक यादव आदि मौजूद रहे।







