बाढ़ प्रबंधन बैठक में विभागों को दिए निर्देश, मानव एवं पशु हानि रोकने पर विशेष जोर
FATEHPUR NEWS: महात्मा गांधी कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स की अध्यक्षता में बाढ़ प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में गंगा, यमुना एवं उनकी सहायक नदियों से संभावित बाढ़ की स्थिति तथा उससे निपटने के लिए विभागों द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बाढ़ संभावित गांवों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों से अब तक की गई तैयारियों की अद्यतन रिपोर्ट मांगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विभागों की कार्ययोजना एवं रिपोर्ट अभी लंबित है, वे शीघ्र अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि बाढ़ के दौरान किसी भी प्रकार की मानव एवं पशु हानि न होने पाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग ऐसी कार्ययोजना तैयार करें जिससे बाढ़ की चेतावनी समय रहते गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। इसके लिए निगरानी समितियों के साथ-साथ आपदा मित्रों को भी जोड़ा जाए तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को आपदा से बचाव के प्रति जागरूक एवं प्रशिक्षित किया जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं, वृद्धजनों, दिव्यांगजनों तथा शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नालियों और नालों की सफाई सुनिश्चित करने, खुले नालों एवं निर्माणाधीन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था करने तथा आवश्यकतानुसार चेतावनी संबंधी साइनेज लगाने के भी निर्देश दिए। उपजिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ के दौरान संचालित होने वाली नावों का पंजीकरण, फिटनेस परीक्षण, येलो लाइन एवं भार क्षमता का प्रदर्शन तथा नाविकों के अनुबंध की प्रक्रिया समय से पूरी कर ली जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नाव से यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए लाइफ जैकेट की व्यवस्था हो। जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कार्य करने वाले वालंटियर, फ्रंटलाइन वर्कर, गोताखोरों एवं नाविकों को शीघ्र प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ राहत शिविरों में आने वाले प्रभावित परिवारों का संबंधित शिविरों से मैपिंग करने को भी कहा। बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों से कहा कि वे अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के अनुरूप तैयारियां समय रहते पूरी कर लें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा सके। बैठक में उपजिलाधिकारी बिंदकी, उपजिलाधिकारी खागा, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पूर्ति अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।







