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पीडीए 51 वर्ष में नहीं बना पाया अपना आशियाना,दर्जनभर कमरों में चल रहा कार्यालय

38 वीसी,42 सचिव बदले लेकिन नहीं बदले पीडीए के हालात
स्थायी कार्यालय के निर्माण के लिए हो रही व्यवस्था:डा अमितपाल शर्मा

PRAYAGRAJ NEWS: शहर के लाखों लोगों को जिस प्रयागराज विकास प्राधिकरण प्रयागराज (पीडीए) से आशियाने की उम्मीद है वह स्वयं 51 वर्षो से सिविल लाइंस चैराहे पर स्थित नौ मंजिला इंदिरा भवन के दो मंजिल के दर्जनभर प्लाई के बने कमरों में पार्टिशन (फ्लाई से छोटे-छोटे कमरे बनाकर) करके चल रहा है। पीडीए के कार्यालय की संभावना अभी  दूर – दूर तक नहीं दिख रही है कि पीडीए अपना कार्यालय आने वाले समय में बना सकेगा जबकि इस दौरान पीडीए के 38 उपाध्यक्ष और 42 सचिव बदल गये। पीडीए के उपाध्यक्ष डा अमितपाल शर्मा ने बताया कि पीडीए के कार्यालय निर्माण के लिए कई जगह शहर में जमीन देखी जा रही हैं, फाइनल होते ही भवन निर्माण शुरू होगा। प्रयागराज विकास प्राधिकरण की स्थापना 30 अगस्त 1974 को हुई थी। इसके पूर्व प्राधिकरण नगर निगम से संचालित होता था। प्राधिकरण की स्थापना से लेकर आजतक कुल 39 पीडीए उपाध्यक्ष  और 42 सचिव की नियुक्ति हो चुकी है। इस पद पर प्रमुख सचिव और कमिश्नर रैक के अफसरों की नियुक्ति हो चुकी है जिसमें आलोक रंजन ( पूर्व चीफ सेक्रेटरी),  दीपक त्रिवेदी, पीएल लोई, मनोज कुमार, चंचल कुमार तिवारी,
राजाराम उपाध्याय, हिमांशु कुमार, डा आशीष कुमार गोयल सहित अन्य अधिकारी थे। पीडीए का अपना स्थायी कार्यालय ना होने से कार्य प्रभावित हो रहा है। पीडीए में जहां कर्मचारियों की संख्या पहले 800 के करीब थी लेकिन अब यह संख्या करीब 500 रह गयी है। पीडीए का क्षेत्र पहले की अपेक्षा अब दुगुना हो गया है लेकिन पीडीए की कार्यशैली पहले जैसी वाली है कि पुराने इलाके से आगे नहीं बढ़ रहा है जिससे ना तो क्षेत्र का विकास हो रहा है ना ही पीडीए की आय ही बढ़ रही है।
एई-जेई कमाई में लगे, प्राधिकरण की हालत खस्ता
प्रयागराज। पीडीए की आय खस्ताहाल है। अवैध बिल्डिंगों की सीलिंग से होने वाली आय से प्राधिकरण का खर्चा चल रहा है। प्राधिकरण की आवासीय योजनाओं में बचे फ्लैटों के खरीददार खोजने पर भी नहीं मिल रहे हैं। नक्शा पास कराने के लिए लोगों को महीनों चक्कर लगाना पड़ता है। नयी आवासीय योजनाएं वर्ष 2015 के बाद शुरू नहीं हुई है जबकि पीडीए के एई,जेई अवैध निर्माणों से कमाईं में लगे हुए हैं। इनके शहर में दर्जनभर मकान, फ्लैट और कामर्शियल बिल्डिंग है।